जालौन में गंभीर आरोप: सरकारी भूमि पर अवैध फैक्ट्री संचालन के खिलाफ संपूर्ण समाधान दिवस के बाहर धरने पर बैठे सभासद
रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
नदीगांव, जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के नदीगांव नगर पंचायत क्षेत्र से एक बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए एक सभासद ने अनूठा विरोध प्रदर्शन किया है। सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे, बिजली चोरी और प्रशासनिक मिलीभगत से तंग आकर सभासद ने संपूर्ण समाधान दिवस कक्ष के बाहर ही धरना शुरू कर दिया। इस विरोध के दौरान उनके हाथ में नगर पालिका अधिनियम की किताब भी नजर आई, जिसके जरिए वे नियमों का हवाला देते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
भूमाफियाओं पर सरकारी भूमि पर अवैध फैक्ट्री संचालन का गंभीर आरोप

पीड़ित सभासद अमित कुमार का आरोप है कि नदीगांव क्षेत्र में भूमाफियाओं द्वारा खुलेआम सरकारी भूमि पर कब्जा किया जा रहा है। इन भूमाफियाओं ने न केवल सरकारी जमीन पर अवैध रूप से फैक्ट्री का निर्माण किया है, बल्कि वहां बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियों को भी अंजाम दिया जा रहा है। सभासद का दावा है कि इस अवैध फैक्ट्री के संचालन में स्थानीय स्तर पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी पर मिलीभगत के आरोप
इस पूरे प्रकरण में प्रशासनिक उदासीनता और भ्रष्टाचार के गंभीर पहलू उजागर हुए हैं। सभासद अमित कुमार ने सीधे तौर पर नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी (EO) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इन जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत के बिना सरकारी जमीन पर इतनी बड़ी अवैध फैक्ट्री का संचालन संभव नहीं है। मिलीभगत के चलते ही भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हैं और वे बेखौफ होकर सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
बिजली चोरी और जांच रिपोर्ट में अनियमितता का पर्दाफाश
फैक्ट्री संचालन के साथ-साथ सभासद ने बिजली चोरी और जांच रिपोर्ट में हेराफेरी का भी बड़ा खुलासा किया है। उनका आरोप है कि अवैध फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी की जा रही है, जिससे राजस्व को भारी नुकसान पहुंच रहा है। इसके अलावा, जब इस मामले की शिकायत की गई, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट में भी भारी अनियमितताएं पाई गईं। सभासद का आरोप है कि जांच को प्रभावित करने और दोषियों को बचाने के लिए कागजों में हेरफेर किया गया है।
बार-बार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई न होने पर फूटा गुस्सा
पीड़ित सभासद अमित कुमार के अनुसार, उन्होंने इस अवैध कब्जे और भ्रष्टाचार को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन से लिखित शिकायत की थी। इसके बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जब प्रशासनिक स्तर पर लगातार अनदेखी की गई, तो मजबूर होकर उन्हें न्याय के लिए धरने पर बैठना पड़ा। अपने विरोध को वैधानिक और मजबूत आधार देने के लिए उन्होंने अपने हाथ में नगर पालिका अधिनियम की किताब रखी हुई थी।
प्रशासन से फैक्ट्री सील करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
धरने पर बैठे सभासद ने उपजिलाधिकारी (SDM) को शिकायती पत्र सौंपते हुए मांग की है कि नदीगांव क्षेत्र में संचालित इस अवैध फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से सील किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले भूमाफियाओं, बिजली चोरी करने वालों और इस पूरे भ्रष्टाचार में संलिप्त नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। देखना यह होगा कि उच्चाधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या भ्रष्ट अधिकारियों व भूमाफियाओं पर शिकंजा कसा जाता है या यह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।






