जालौन में कानून व्यवस्था तार-तार! मजदूर गया पेट पालने, पीछे से चोरों ने उजाड़ दिया पूरा आशियाना; पुलिस के दावों की खुली पोल

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन : उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर किए जा रहे तमाम दावों के बीच अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली तस्वीर जालौन जिले से सामने आई है। जहाँ एक तरफ सरकारें गरीबों के कल्याण और सुरक्षा की दुहाई देती हैं, वहीं जमीनी हकीकत यह है कि आज एक अदना सा मजदूर अपने ही घर में सुरक्षित नहीं है। जालौन के कालपी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहल्ला तरीबुल्दा में चोरों ने एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया है, जिसने पुलिसिया गश्त और सुरक्षा तंत्र की गंभीर विफलता को उजागर कर दिया है। एक गरीब मजदूर जब अपने परिवार का पेट पालने के लिए खून-पसीना बहाने मजदूरी पर गया था, ठीक उसी वक्त बेखौफ अपराधियों ने उसके सूने मकान को अपना निशाना बनाया और जीवन भर की गाढ़ी कमाई पर साफ हाथ कर दिया।
सूने मकान पर शातिर चोरों का धावा: टूट गया गरीब की उम्मीदों का ताला
यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना कालपी कोतवाली क्षेत्र के तरीबुल्दा मोहल्ले की है। जानकारी के मुताबिक, पीड़ित परिवार बेहद गरीब है और रोज कुआं खोदकर रोज पानी पीने की स्थिति में जीता है। रोज की तरह जब घर के सदस्य पेट की आग बुझाने के लिए मजदूरी करने गए हुए थे, तभी घात लगाए बैठे शातिर चोरों ने सूने मकान का फायदा उठाया। अपराधियों ने मुख्य दरवाजे का ताला कटर या भारी हथियार से तोड़ा और घर के भीतर दाखिल हो गए। यह कोई सामान्य चोरी नहीं थी, बल्कि चोरों ने पूरे घर को खंगाला और एक-एक कीमती चीज बटोर ली।
चोरों ने अलमारी और बक्सों के ताले चटकाकर ₹15,000 की नकदी, सोने-चांदी के पुश्तैनी और मेहनत से जोड़े गए आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि चोर सिर्फ नकदी और जेवर तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि वे घर में लगे सोलर प्लेट, सोलर बैटरी और इनवर्टर तक उखाड़ ले गए। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि चोरों के मन में खाकी का रत्ती भर भी खौफ नहीं था और उन्होंने बेहद इत्मीनान से इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।
’सब कुछ लुट गया साहब…’ – पीड़िता जयंती के आंसुओं ने खड़े किए तीखे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे मार्मिक और आक्रोशित करने वाला पहलू पीड़िता जयंती का बयान है। जब स्थानीय लोगों ने मकान का ताला टूटा हुआ देखा, तो फौरन इसकी सूचना मजदूरी कर रहे परिवार को दी। बदहवास हालत में जब मजदूर और पीड़िता जयंती अपने घर पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर का सामान बिखरा पड़ा था, तिजोरियां खाली थीं और अंधेरे को दूर करने वाला सोलर सिस्टम भी गायब था।
”हम दिन-रात एक करके एक-एक पैसा जोड़ते हैं। चोरों ने सिर्फ हमारा सामान नहीं चुराया, बल्कि हमारी जिंदगी भर की कमाई और हमारी उम्मीदें लूट लीं। अब हम किसके भरोसे जिएंगे?”
— जयंती, बदहवास पीड़िता
पीड़िता के ये आंसू सीधे तौर पर स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाते हैं। क्या कालपी पुलिस की गश्त सिर्फ कागजों तक सीमित है?
कालपी कोतवाली पुलिस की भूमिका: जांच का पारंपरिक आश्वासन या होगी ठोस कार्रवाई?
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। आनन-फानन में पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलने पर कालपी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने हमेशा की तरह पारंपरिक रुख अपनाते हुए मामला दर्ज कर लिया है और दावा कर रही है कि चोरों की तलाश में टीमें लगा दी गई हैं।
लेकिन खोजी पत्रकारिता के दृष्टिकोण से देखें तो यह सवाल उठना लाजिमी है कि तरीबुल्दा जैसे घनी आबादी वाले इलाके में, दिन-दहाड़े या शाम के वक्त चोर इतना भारी-भरकम सामान (जैसे सोलर प्लेट और इनवर्टर) लेकर कैसे फरार हो गए? क्या इलाके में कोई संदिग्ध गतिविधि किसी को नजर नहीं आई? या फिर पुलिस का खुफिया तंत्र पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है?
खोजी नजरिया: अपराधियों के बढ़ते हौसले और रेंगता हुआ सुरक्षा तंत्र
जालौन में हुई यह वारदात कोई पहली घटना नहीं है। हाल के दिनों में बुंदेलखंड के इस इलाके में चोरी और छिनैती की घटनाओं में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी हुई है। इस घटना ने साबित कर दिया है कि अपराधी अब केवल अमीर घरों को ही नहीं, बल्कि उन गरीबों को भी निशाना बना रहे हैं जिनके पास विरोध करने की न तो सामाजिक ताकत है और न ही राजनीतिक पहुंच। एक मजदूर के घर से इनवर्टर और सोलर प्लेट तक का चोरी हो जाना यह दर्शाता है कि चोरों का नेटवर्क कितना सक्रिय है और वे जानते हैं कि वारदात के बाद वे आसानी से बच निकलेंगे। अब देखना यह है कि जालौन पुलिस इस मामले में कितनी तत्परता दिखाती है। क्या गरीब जयंती को उसका लूटा हुआ हक वापस मिलेगा, या यह मामला भी फाइलों के ढेर में दबकर रह जाएगा? ‘यूपी संवाद’ इस खबर पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगा।






