जालौन में ‘WALA’ एप के जरिए नग्न वीडियो बना ब्लैकमेल करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, तीन दबोचे

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जालौन की कालपी कोतवाली पुलिस की गिरफ्त में खड़े साइबर ब्लैकमेलिंग और रंगदारी वसूलने वाले गिरोह के तीन आरोपी, जिनके सामने टेबल पर बरामद नकदी, मोबाइल फोन और तमंचा-कारतूस रखे हुए हैं।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन (उत्तर प्रदेश)। डिजिटल युग में तकनीकी के दुरुपयोग से पैर पसार रहे साइबर अपराधियों के खिलाफ जालौन पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जनपद की कालपी कोतवाली पुलिस ने मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से आम लोगों को जाल में फंसाकर, उनकी नग्न वीडियो (Nude Video) बनाने और फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर मोटी रकम वसूलने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से ब्लैकमेलिंग कर वसूली गई नकदी, घटना में प्रयुक्त मोबाइल और एक अवैध तमंचा सहित जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।

​’WALA’ एप के जरिए ऐसे बुनते थे हनीट्रैप का जाल

​मामले का आधिकारिक खुलासा करते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) कालपी, राजेश कमल ने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था। आरोपी सबसे पहले WALA नामक वीडियो चैटिंग व डेटिंग एप्लीकेशन के जरिए सीधे-साधे लोगों, विशेषकर युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे। एप पर दोस्ती और अश्लील बातचीत के बहाने पीड़ितों को झांसे में लिया जाता था। इसके बाद वीडियो कॉल के दौरान चुपके से पीड़ित की स्क्रीन रिकॉर्डिंग या नग्न वीडियो तैयार कर ली जाती थी। वीडियो हाथ लगते ही आरोपियों का असली चेहरा सामने आता था। वे पीड़ित को वीडियो सोशल मीडिया और उनके रिश्तेदारों को भेजने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर देते थे। लोक-लाज के डर से पीड़ित आसानी से इनके दबाव में आकर लाखों रुपये गंवा बैठते थे। यदि कोई पैसे देने से मना करता, तो उसे जान से मारने की धमकी दी जाती थी।

​वन विभाग के जंगल से हुई आरोपियों की गिरफ्तारी

​पुलिस अधीक्षक (SP) जालौन के कड़े निर्देशन में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कालपी कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम को इस गिरोह के बारे में सटीक इनपुट मिला था। दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने जाल बिछाया। पुलिस ने जोल्हूपुर-मदारीपुर रोड पर स्थित वन विभाग के वॉच टॉवर के पास जंगल क्षेत्र में घेराबंदी की। यहाँ से पुलिस ने गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को दबोच लिया।

​गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:

  1. सनी पुत्र संदीप कुमार (निवासी: सोहरापुर)
  2. पुष्पेन्द्र कुशवाहा उर्फ बाबा पुत्र अज्ञात (निवासी: छौंक)
  3. पुष्पेन्द्र कुमार उर्फ राजा पुत्र अज्ञात (निवासी: मोतीनगर-जोल्हूपुर)

​अवैध असलहा, कारतूस और नकदी बरामद

​पुलिस की तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से ब्लैकमेलिंग के जरिए वसूली गई 9,200 रुपये की नकदी और वारदात में इस्तेमाल होने वाला एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद हुआ है। इसके अतिरिक्त, आरोपी पुष्पेन्द्र कुशवाहा उर्फ बाबा के पास से पुलिस ने 315 बोर का एक अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह गिरोह सिर्फ डिजिटल फ्रॉड ही नहीं, बल्कि जमीन पर भी पीड़ितों को डराने-धमकाने के लिए हथियारों का इस्तेमाल करता था।

​एक आरोपी अभी भी फरार, तलाश जारी

​सीओ कालपी राजेश कमल ने बताया कि इस गिरोह का एक अन्य सदस्य साहिल अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उसे भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पकड़े गए तीनों आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं, आईटी एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इनके बैंक खातों और पूर्व में किए गए शिकारों की कुंडली खंगाल रही है ताकि गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।

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