जालौन पुलिस की बड़ी कामयाबी: साइबर सेल ने बरामद किए 35.70 लाख रुपये के 210 गुमशुदा मोबाइल, स्वामियों के खिले चेहरे

0
जालौन के पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह बरामद किए गए 210 मोबाइल फोन के साथ पुलिस टीम और उनके वास्तविक स्वामियों को मोबाइल सौंपते हुए।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन (उत्तर प्रदेश) : उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद में पुलिस और साइबर सेल की टीम को साइबर सुरक्षा व जनसेवा के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जालौन पुलिस ने सर्विलांस और आधुनिक तकनीकी का सटीक इस्तेमाल करते हुए विभिन्न स्थानों से खोए और चोरी हुए 210 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 35 लाख 70 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक (SP) जालौन के कुशल निर्देशन में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत आज सभी मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिया गया, जिससे पीड़ितों के चेहरों पर खोई हुई मुस्कान लौट आई।

पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देशन में चला विशेष अभियान

​इस सराहनीय कार्यवाहकी की विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जनपद के विभिन्न थानों में नागरिकों द्वारा मोबाइल गुमशुदगी और चोरी के लगातार प्रार्थना पत्र दर्ज कराए जा रहे थे। मामले की गंभीरता और नागरिकों की परेशानी को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक और जनपद के समस्त थानों में गठित साइबर सेल की टीमों को एक विशेष टास्क सौंपा था।

​एसपी के कुशल पर्यवेक्षण में साइबर सेल ने अत्याधुनिक सर्विलांस टूल्स, आईएमईआई (IMEI) ट्रैकिंग और तकनीकी विश्लेषण का सहारा लिया। पुलिस टीमों ने दिन-रात कड़ी मेहनत करते हुए खोए हुए मोबाइलों की लोकेशन ट्रेस की। चौंकाने वाली बात यह है कि ये मोबाइल न केवल जालौन या बुंदेलखंड के विभिन्न इलाकों से बरामद हुए, बल्कि पुलिस टीम को इन्हें रिकवर करने के लिए दूसरे जनपदों और पड़ोसी राज्यों तक में दबिश देनी पड़ी।

35 लाख से अधिक की रिकवरी, पुलिस लाइन में हुआ वितरण

​पुलिस कार्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान खुद पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने बरामद किए गए 210 मोबाइलों को उनके मूल स्वामियों के सुपुर्द किया। जैसे ही लोगों को उनके महंगे और कीमती डेटा से भरे फोन वापस मिले, पूरा माहौल पुलिस के प्रति आभार से भर गया।

​प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए एसपी जालौन विनय कुमार सिंह ने कहा:

​”आज के डिजिटल युग में मोबाइल सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि व्यक्ति की निजी जिंदगी, बैंकिंग और महत्वपूर्ण डेटा का हिस्सा बन चुका है। हमारी साइबर टीम और थानों की टीमों ने तकनीकी समन्वय के जरिए 210 मोबाइल बरामद किए हैं, जिनकी कीमत करीब 35 लाख 70 हजार रुपये है। इस बेहतरीन कार्य के लिए पूरी टीम बधाई की पात्र है। भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेगा ताकि आम जनता का भरोसा कानून व्यवस्था पर और मजबूत हो सके।”

पीड़ितों ने जताया पुलिस प्रशासन का आभार

​अपना खोया हुआ स्मार्टफोन वापस पाकर गदगद हुए ज्ञानेंद्र साहू (मोबाइल स्वामी) ने पुलिस की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए कहा, “मेरा फोन काफी समय पहले खो गया था और मुझे उम्मीद नहीं थी कि यह कभी वापस मिलेगा। लेकिन जालौन पुलिस की साइबर सेल ने इसे ढूंढ निकाला। मैं पुलिस प्रशासन का दिल से धन्यवाद करता हूँ।”

​वहीं, मोबाइल प्राप्त करने वाली एक अन्य पीड़िता संगीता पटेल ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “मोबाइल में मेरा बहुत सा जरूरी डेटा और पारिवारिक तस्वीरें थीं। फोन वापस मिलना मेरे लिए एक सुखद आश्चर्य जैसा है। जालौन पुलिस ने जो सक्रियता दिखाई है, वह वास्तव में काबिले तारीफ है।”

साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के सख्त निर्देश

​इस बड़ी सफलता के बाद पुलिस अधीक्षक ने साइबर सेल और थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर फ्रॉड और मोबाइल चोरी जैसे अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए अपनी निगरानी और तेज करें। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि मोबाइल खोने या किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर या स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते तकनीकी कार्रवाई शुरू की जा सके।

Leave a Reply

You may have missed