जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हंगामे का आरोप, डॉक्टर से अभद्रता और मेडिकल रजिस्टर फाड़ने का मामला, जांच में जुटी पुलिस
जालौन के जिला अस्पताल उरई की इमरजेंसी में हंगामे के बाद मौजूद चिकित्साकर्मी, पुलिस और अस्पताल परिसर का दृश्य।
घायल युवकों के मेडिकल को लेकर इमरजेंसी में बढ़ा विवाद,डॉक्टर और कर्मचारियों से अभद्रता का आरोप, मेडिकल रजिस्टर फाड़ने की शिकायत,अस्पताल कर्मचारियों ने मोबाइल में रिकॉर्ड किया पूरा घटनाक्रम,वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने शुरू की जांच,शिकायत के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
उरई (जालौन) : जालौन के उरई स्थित जिला अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड के भीतर हंगामे का मामला सामने आया है। अस्पताल प्रशासन का आरोप है कि एक भाजपा नेता और उनके साथ आए कुछ लोगों ने इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया तथा मेडिकल रजिस्टर भी फाड़ दिया। घटना का वीडियो अस्पताल कर्मियों द्वारा बनाया गया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस को मामले की सूचना दे दी गई है और जांच शुरू कर दी गई है।
सड़क विवाद के बाद अस्पताल पहुंचे थे घायल युवक
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सड़क पर पैसों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में घायल हुए कुछ युवकों को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। आरोप है कि उनके साथ भाजपा नेता शक्ति गहोई भी अस्पताल पहुंचे थे।
इमरजेंसी वार्ड में मेडिकल और रेफर को लेकर हुआ विवाद
अस्पताल प्रशासन का आरोप है कि इमरजेंसी वार्ड में तैनात कर्मचारियों पर मेडिकल तुरंत तैयार करने और रेफर लिखने का दबाव बनाया गया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इस दौरान डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ अभद्रता की गई तथा मेडिकल रजिस्टर भी फाड़ दिया गया।
अस्पताल कर्मचारियों ने बनाया वीडियो
हंगामे के दौरान इमरजेंसी वार्ड में मौजूद कर्मचारियों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
डॉक्टर की सूचना पर हरकत में आई पुलिस
ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर डॉ. अनुपम मिश्रा ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो, अस्पताल कर्मियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।








