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पुलिस को गुमराह करना पड़ा भारी: लूट की फर्जी सूचना देने वाले तीन युवकों पर कोंच पुलिस का कड़ा प्रहार

कोंच कोतवाली पुलिस की हिरासत में खड़े फर्जी लूट की सूचना देने वाले तीन आरोपी और पुलिसकर्मी

रिपोर्ट : राहुल,जालौन। UP SAMVAD

कोंच (जालौन): उत्तर प्रदेश पुलिस की आपातकालीन सेवा ‘यूपी 112’ को खिलौना समझना और कानून व्यवस्था के साथ मजाक करना तीन युवकों को बेहद महंगा पड़ गया। जनपद जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस को 15 हजार रुपये की लूट की झूठी सूचना देकर सनसनी फैलाने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच में मामला पूरी तरह फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों का शांतिभंग की धाराओं में चालान कर जेल भेज दिया है।
​विवाद के बीच रची गई लूट की झूठी साजिश
​मिली जानकारी के अनुसार, रविवार की देर रात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लौना निवासी तीन युवक—देवेन्द्र कुमार, मुहर सिंह और संजीव रजक—कस्बे के व्यस्ततम पंचानन चौराहे पर मौजूद थे। बताया जा रहा है कि वहां किसी बात को लेकर इन तीनों के बीच आपस में तीखी नोकझोंक और विवाद शुरू हो गया। आपसी झगड़े को बड़ा रूप देने या किसी अन्य मंशा से, इन्हीं में से एक युवक मुहर सिंह ने यूपी 112 के कंट्रोल रूम पर फोन कर यह सूचना दी कि उसके साथ 15 हजार रुपये की लूट हो गई है।
​हड़कंप के बाद हरकत में आई पुलिस फोर्स
​देर रात ‘लूट’ जैसी संगीन वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यूपी 112 की पीआरवी गाड़ियां और कोतवाली पुलिस की टीमें तत्काल सायरन बजाते हुए मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर जब कथित पीड़ित मुहर सिंह और उसके साथियों से पूछताछ शुरू की, तो उनकी बातों में विरोधाभास नजर आने लगा। पुलिस ने जब आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई और कड़ाई से पूछताछ की, तो परतें खुलने लगीं।
​जांच में खुली पोल, शांतिभंग में हुआ चालान
​कोतवाली प्रभारी (कोतवाल) ब्रजेश बहादुर सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मुहर सिंह द्वारा दी गई 15 हजार की लूट की सूचना पूरी तरह मनगढ़ंत और फर्जी थी। असल में तीनों युवक आपसी विवाद कर रहे थे और पुलिस को गुमराह करने के लिए उन्होंने यह साजिश रची थी। पुलिस के कीमती समय को बर्बाद करने और सार्वजनिक स्थान पर शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में पुलिस ने देवेन्द्र, मुहर सिंह और संजीव को हिरासत में ले लिया। सोमवार की सुबह विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों का शांतिभंग (धारा 151) के तहत चालान कर दिया गया।
​पुलिस की चेतावनी: फर्जी सूचना पर होगी जेल
​इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। कोतवाल ब्रजेश बहादुर सिंह ने आम जनमानस से अपील की है कि पुलिस सहायता सेवाओं (जैसे 112 या 1090) का उपयोग केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही करें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति आपसी रंजिश निकालने या मनोरंजन के लिए पुलिस को झूठी सूचना देकर गुमराह करने का प्रयास करेगा, तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
​पुलिस की इस मुस्तैदी की चर्चा पूरे क्षेत्र में है, क्योंकि फर्जी कॉल न केवल पुलिस का समय नष्ट करते हैं, बल्कि इससे वास्तविक जरूरतमंदों तक सहायता पहुँचने में भी देरी हो सकती है।

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