ससुराल बना ‘सुलगता हुआ पाताल’! जालौन में दामाद को जिंदा फूंकने की खौफनाक साजिश; कफन ओढ़कर मौत के मुंह से भागा शादाब

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अस्पताल के बेड पर झुलसी हुई हालत में लेटा युवक और बाद में जालौन एसपी कार्यालय के बाहर न्याय की गुहार लगाता पीड़ित शादाब, पृष्ठभूमि में पुलिस अधीक्षक कार्यालय का बोर्ड और सुरक्षाकर्मी नजर आ रहे हैं।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पवित्र वैवाहिक रिश्तों को कलंकित कर दिया है। जहाँ एक तरफ विदाई के बाद ससुराल को लड़की का सुरक्षित ठिकाना माना जाता है, वहीं जालौन में एक दामाद के लिए उसका ससुराल ‘सुलगता हुआ पाताल’ बन गया। उरई कोतवाली क्षेत्र के रामकुंड इलाके में पैसों के मामूली लेनदेन को लेकर उपजे विवाद में पत्नी और ससुराल वालों ने मिलकर क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। आरोप है कि पूरे योजनाबद्ध तरीके से युवक पर जानलेवा हमला किया गया और उसे जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। मौत के चंगुल से किसी तरह बचकर निकले पीड़ित ने अब पुलिस कप्तान की चौखट पर न्याय की गुहार लगाई है।

​पैसों की हवस और खूनी साजिश: रामकुंड में खेला गया मौत का खेल

​यह रोंगटे खड़े कर देने वाला पूरा मामला जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रामकुंड इलाके का है। खोजी सूत्रों और पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, पीड़ित युवक शादाब का अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोगों से रुपयों के लेनदेन को लेकर कुछ समय से विवाद चल रहा था। विवाद को सुलझाने या फिर किसी अन्य बहाने से शादाब को ससुराल बुलाया गया था। लेकिन शादाब को इस बात का जरा भी इल्म नहीं था कि जिस दहलीज को वो अपना समझकर कदम रख रहा है, वहां उसकी मौत का पूरा ताना-बाना पहले से ही बुना जा चुका है। बातचीत के दौरान अचानक विवाद गहरा गया और ससुराल पक्ष के लोग हिंसक हो उठे।

​लाठी-डंडों से पिटाई के बाद उड़ेल दिया तेल, जिंदा जलाने की रोंगटे खड़े करने वाली वारदात

​पीड़ित शादाब द्वारा बयां की गई आपबीती किसी हॉरर फिल्म के सीन से कम नहीं है। शादाब के मुताबिक, विवाद बढ़ते ही उसकी पत्नी और ससुराल के अन्य सदस्यों ने उसे घेर लिया। पहले तो उसे लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से बेरहमी से पीटा गया ताकि वह भागने या आत्मरक्षा करने की स्थिति में न रहे। जब शादाब लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा, तो क्रूरता की पराकाष्ठा पार करते हुए ससुरालियों ने उस पर तेल छिड़क कर आग लगा दी। चीख-पुकार और लपटों के बीच शादाब ने किसी तरह अपनी जान बचाई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

​अस्पताल का बेड, तड़पता पीड़ित और पुलिस की सुस्त रफ्तार पर सवाल

​घटना के तुरंत बाद चीख-पुकार सुनकर जुटे स्थानीय लोगों और पीड़ित के सगे परिजनों ने आनन-फानन में गंभीर रूप से झुलसे शादाब को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। कई दिनों तक शादाब जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल के बेड पर झुलसती हुई खाल के साथ तड़पता रहा। चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी वारदात हो जाने के बाद भी स्थानीय उरई कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को भांपने में देरी की, जिससे आरोपियों को फरार होने का पूरा मौका मिल गया।

​हालत सुधरते ही एसपी दफ्तर पहुंचा शादाब; क्या जालौन पुलिस देगी न्याय?

​अस्पताल में चले लंबे इलाज के बाद जब शादाब की हालत में कुछ सुधार हुआ, तो वह सीधे जालौन के पुलिस अधीक्षक (SP) के पास पहुंचा। अपनी आपबीती सुनाते हुए पीड़ित शादाब ने एसपी जालौन को एक शिकायती पत्र सौंपा है और अपनी पत्नी समेत तमाम ससुरालियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शादाब का साफ कहना है कि अगर उसे जल्द न्याय नहीं मिला और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो उसकी जान को लगातार खतरा बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि इस हाई-प्रोफाइल और दिल दहला देने वाले मामले में जालौन पुलिस कप्तान क्या कड़ा एक्शन लेते हैं।

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