VIP सुरक्षा में महासेंध! जालौन में बसपा प्रत्याशी के गनर की रिवॉल्वर उड़ाने वाला शातिर दबोचा, खोजी पड़ताल में खुले कई चौंकाने वाले राज

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जालौन की माधौगढ़ कोतवाली पुलिस टीम के साथ खड़ा गिरफ्तार आरोपी युवक, जिसके पीछे पुलिस जीप और कोतवाली का मुख्य द्वार नजर आ रहा है; सुरक्षा घेरे में आरोपी को न्यायालय ले जाते पुलिसकर्मी।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन/माधौगढ़: उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके में वीआईपी सुरक्षा और हाई-प्रोफाइल सियासत के बीच एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हड़कंप मचा दिया था। जालौन जिले की माधौगढ़ कोतवाली पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक ऐसे शातिर आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है, जिसने सीधे बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी के सुरक्षा घेरे को धता बताते हुए उनके गनर की लाइसेंसी रिवॉल्वर पार कर दी थी। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी को विधिक कार्रवाई के बाद माननीय न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। लेकिन इस पूरी घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​सुरक्षा घेरे को किया तार-तार: बसपा प्रत्याशी के घर पर बोला धावा

​खोजी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला महज़ एक साधारण चोरी का नहीं है, बल्कि हाई-प्रोफाइल सुरक्षा में एक सोची-समझी सेंधमारी था। गिरफ्तार किए गए आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के घोषित प्रत्याशी के आवास को निशाना बनाया। आरोपी ने सीधे प्रत्याशी की सुरक्षा में तैनात गनर की लाइसेंसी रिवॉल्वर पर हाथ साफ कर दिया। चुनावी और राजनीतिक सरगर्मियों के बीच एक वीआईपी के सुरक्षाकर्मी का हथियार चोरी हो जाना पुलिस प्रशासन के लिए नाक का सवाल बन गया था। जैसे ही इस वारदात की भनक उच्चाधिकारियों को लगी, इलाके में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में झोंक दी गईं।

​माधौगढ़ कोतवाली पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन: ऐसे जाल में फंसा शातिर

​वारदात के बाद से ही जालौन पुलिस लगातार संदिग्धों पर नजर रख रही थी और सर्विलांस टीम की मदद ली जा रही थी। खोजी पत्रकारिता के दौरान यह बात सामने आई कि माधौगढ़ कोतवाली पुलिस ने सटीक मुखबिरी और तकनीकी इनपुट के आधार पर जाल बिछाकर आरोपी युवक को दबोच लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है क्योंकि मामला एक संवेदनशील हथियार की चोरी से जुड़ा था, जिसका इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए भी किया जा सकता था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

​हथियार पहले ही बरामद, अब आरोपी को भेजा गया जेल

​इस पूरे घटनाक्रम में सबसे राहत वाली बात यह रही कि पुलिस ने चोरी गई लाइसेंसी रिवॉल्वर को पूर्व में ही तत्परता दिखाते हुए बरामद कर लिया था। हथियार बरामद होने के बाद से ही पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। माधौगढ़ पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद कड़े सुरक्षा घेरे में स्थानीय न्यायालय में पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता और वीआईपी सुरक्षा से जुड़े पहलू को देखते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया।

​खोजी सवाल: आखिर वीआईपी सुरक्षा में इतनी ढिलाई क्यों?

​इस पूरी घटना ने भले ही पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते एक सुखद मोड़ ले लिया हो, लेकिन खोजी पत्रकारिता के नजरिए से कुछ बेहद तीखे सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं।

  • ​पहला सवाल यह कि जब एक सुरक्षाकर्मी (गनर) को वीआईपी की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है, तो वह अपने खुद के हथियार की सुरक्षा को लेकर इतना लापरवाह कैसे हो सकता है?
  • ​दूसरा, क्या आरोपी का मकसद सिर्फ चोरी था या फिर इसके पीछे कोई गहरी राजनीतिक साजिश या आगामी चुनाव को प्रभावित करने की कोई बड़ी योजना थी?

​जालौन पुलिस को अब इस बात की भी गहनता से जांच करनी चाहिए कि क्या इस शातिर चोर के तार किसी स्थानीय गैंग या अपराधियों से तो नहीं जुड़े हैं। बहरहाल, आरोपी अब सलाखों के पीछे है, लेकिन यह घटना उत्तर प्रदेश में वीआईपी सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सबब छोड़ गई है।

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