उरई में विकास की नई उड़ान: जलालपुर-चिरगुंवा मार्ग पर ₹12 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक पुल, विधायक गौरी शंकर वर्मा ने किया भूमिपूजन

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन) : उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के अंतर्गत आने वाली उरई विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। क्षेत्र के ग्राम जलालपुर में जलालपुर-चिरगुंवा मार्ग पर एक अत्याधुनिक पुल के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 12 करोड़ रुपये है। इस बहुप्रतीक्षित पुल निर्माण कार्य का आधिकारिक शुभारंभ सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ भूमिपूजन करके किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ कार्यकर्ता साक्षी बने।
सनातन परंपरा के साथ शुरुआत: कन्या पूजन से हुआ कार्यक्रम का आगाज़
भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त करते हुए, सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा ने भूमिपूजन कार्यक्रम का शुभारंभ पूरी श्रद्धा के साथ कन्या पूजन कर और उनका आशीर्वाद लेकर किया। इस दौरान उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि कोई भी विकास कार्य तभी फलीभूत होता है जब उसमें सेवा, संस्कृति और जनकल्याण की भावना समाहित हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर काम कर रही है, जहां विकास की किरण समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही है।
बरसात के संकट से मिलेगी मुक्ति, व्यापार और शिक्षा को मिलेगी नई गति
लंबे समय से जलालपुर, चिरगुंवा और इसके आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीण मानसून के मौसम में नदी-नालों के उफान पर होने के कारण जिला मुख्यालय और मुख्य मार्गों से कट जाते थे। विधायक गौरी शंकर वर्मा ने इस भौगोलिक समस्या का संज्ञान लेते हुए इस 12 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दिलाई।
विधायक ने परियोजना के दूरगामी लाभों को रेखांकित करते हुए कहा:
”इस पुल का निर्माण पूरा होने के बाद न केवल जलालपुर और चिरगुंवा बल्कि आसपास के पूरे ग्रामीण अंचल की सूरत बदल जाएगी। बरसात के दिनों में जो ग्रामीण क्षेत्र टापू बन जाते थे, उन्हें अब बारहमासी कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे न केवल आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच आसान होगी, बल्कि युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के रास्ते खुलेंगे और स्थानीय किसानों व व्यापारियों को अपनी उपज मंडी तक समय पर पहुंचाने में मदद मिलेगी।”
उन्होंने आगे कहा कि बेहतर सड़कें और मजबूत पुल किसी भी क्षेत्र की आर्थिक रीढ़ होते हैं, और प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के आधारभूत ढांचे को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
‘विकास, संस्कृति और जनकल्याण’ का संकल्प
अपने संबोधन के समापन में विधायक गौरी शंकर वर्मा ने भावुक और दृढ़ लहजे में कहा, “विकास, संस्कृति और जनकल्याण के संकल्प के साथ हमारा क्षेत्र निरंतर प्रगति कर रहा है। विपक्ष ने जहां दशकों तक इस क्षेत्र को विकास से महरूम रखा, वहीं हमारी सरकार बिना किसी भेदभाव के हर गांव को मुख्यधारा से जोड़ रही है।” उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता मानकों का पालन किया जाए और समय सीमा के भीतर इस पुल को पूरा कर जनता को समर्पित किया जाए।
वरिष्ठ नेताओं और ग्रामीणों की गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक भूमिपूजन समारोह में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रविंद्र प्रताप सिंह, देवेंद्र यादव, अग्निवेश चतुर्वेदी, शैलेंद्र राजपूत, ऋषि श्रीवास्तव और उपेंद्र चौहान सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और इलाके के संभ्रांत ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने विधायक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पुल की मांग पिछले कई वर्षों से लंबित थी, जिसे वर्तमान विधायक के प्रयासों से धरातल पर उतारा जा सका है। क्षेत्र में इस परियोजना की शुरुआत से हर्ष का माहौल है।






