रिपोर्ट : बंटी आगरा
इंदारा घाटी डैम के पानी की गुणवत्ता पर उठे सवाल, पुरानी मीठे पानी की लाइन चालू कराने की मांग
फतेहपुर सीकरी। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड-17 में खारे पानी की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इंदारा घाटी डैम से आने वाला पानी काफी खारा है, जिससे करीब 2000 लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने पानी की गुणवत्ता की जांच कराने और समस्या का स्थायी समाधान किए जाने की मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी का इस्तेमाल पीने और घरेलू कार्यों में करने में परेशानी हो रही है। कुछ लोगों ने खारे पानी के इस्तेमाल से पेट दर्द, त्वचा संबंधी परेशानी और बाल झड़ने जैसी शिकायतें होने का दावा किया है। हालांकि, इन स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों की पुष्टि के लिए पानी की गुणवत्ता और स्वास्थ्य संबंधी वैज्ञानिक जांच आवश्यक है।
महिलाओं का कहना है कि पानी से बर्तन और अन्य सामान पर सफेद पपड़ी जम रही है। खारे पानी के कारण खाना पकाने में भी परेशानी हो रही है। वहीं, बुजुर्गों का कहना है कि पानी इतना खारा है कि दाल और अन्य खाद्य सामग्री पकाने में भी दिक्कत आती है।
क्षेत्रवासियों ने डैम निर्माण और पानी की गुणवत्ता की जांच को लेकर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि डैम से जलापूर्ति शुरू करने से पहले पानी की गुणवत्ता की जांच की गई थी, तो वर्तमान में सामने आ रही समस्या की वजह स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
वार्ड की सभासद गुड़िया ने क्षेत्र की महिलाओं के 11 हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान वाली शिकायत जिलाधिकारी को भेजकर समस्या से अवगत कराया है। शिकायत में खारे पानी की समस्या का समाधान कराने के साथ ही पानी के नमूने की अधिकृत प्रयोगशाला से जांच कराने की मांग की गई है।
क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग है कि जब तक खारे पानी की समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक पुरानी मीठे पानी की लाइन को तत्काल चालू कराया जाए, ताकि लोगों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए पानी मिल सके।
अब प्रशासन की जांच में पानी की गुणवत्ता को लेकर क्या स्थिति सामने आती है और करीब 2000 लोगों की समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर क्षेत्रवासियों की नजर है।






