कोंच: ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’, दरिद्र नारायण समिति ने फीकी होली में घोली मिठास; एसडीएम व कोतवाल ने बांटी खुशियां

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कोंच के गोखले नगर स्थित आश्रम में एसडीएम ज्योति सिंह और कोतवाल ब्रजेश बहादुर सिंह द्वारा निर्धन एवं असहाय लोगों को होली के अवसर पर गुझिया और पपड़ी वितरित करते हुए।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

कोंच (जालौन): रंगों और उल्लास के पर्व होली की पूर्व संध्या पर जालौन के कोंच नगर में मानवता की एक अनुपम मिसाल देखने को मिली। ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ के संकल्प को चरितार्थ करते हुए नगर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था ‘दरिद्र नारायण सेवा समिति’ ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े निराश्रित और असहाय लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरने का बीड़ा उठाया। गोखले नगर स्थित समिति के आश्रम में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंद परिवारों के बीच गुझिया और पपड़ियों का वितरण किया गया, ताकि अभावों के कारण किसी भी गरीब की होली फीकी न रहे।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बढ़ाया सेवा का हाथ

​सोमवार को आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसडीएम ज्योति सिंह उपस्थित रहीं। वहीं, विशिष्ट अतिथि के तौर पर क्षेत्राधिकारी (सीओ) एवं कोतवाली प्रभारी ब्रजेश बहादुर सिंह तथा अतिरिक्त निरीक्षक लल्लूराम रावत ने शिरकत की। अधिकारियों ने अपने व्यस्त सरकारी कामकाज से समय निकालकर न केवल कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई, बल्कि स्वयं अपने हाथों से पंक्तिबद्ध खड़े वृद्धों, विधवा महिलाओं और निर्धन बच्चों को त्योहार की मिठाई (गुझिया-पपड़ी) के पैकेट भेंट किए।

‘खुशियां बांटने से बढ़ती हैं’: एसडीएम ज्योति सिंह

​वितरण के उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उपजिलाधिकारी ज्योति सिंह भावुक नजर आईं। उन्होंने संस्था के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा, “होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह आपसी प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है। वास्तविक त्योहार वही है जिसमें समाज का सक्षम वर्ग अपने साथ-साथ निराश्रितों की खुशियों का भी ध्यान रखे। असहाय लोगों के बीच त्योहार मनाना और उनके चेहरों पर संतोष के भाव देखना आत्मिक सुकून प्रदान करता है।”

पुलिस और जनता के बीच बढ़ता समन्वय

​कोतवाली प्रभारी ब्रजेश बहादुर सिंह ने कहा कि पुलिस का कार्य केवल अपराध नियंत्रण ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़ना भी है। उन्होंने दरिद्र नारायण सेवा समिति के इस कार्य को अनुकरणीय बताते हुए कहा कि जब आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी उत्साह के साथ त्योहार मनाते हैं, तभी समाज में सकारात्मकता का संचार होता है। अतिरिक्त निरीक्षक लल्लूराम ने भी संस्था की निस्वार्थ सेवा की प्रशंसा की।

दशकों पुरानी परंपरा: हर घर तक पहुंचे त्योहार की मिठास

​समिति के संयोजक और वयोवृद्ध समाजसेवी कढोरेलाल यादव ‘बाबूजी’ ने बताया कि यह संस्था पिछले कई वर्षों से लगातार होली और अन्य प्रमुख त्योहारों पर इस तरह के आयोजन करती आ रही है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य मात्र यह है कि कोंच नगर में कोई भी व्यक्ति ऐसा न रहे जिसके घर में होली पर गुझिया न बने। हम केवल माध्यम हैं, असली शक्ति इन सेवाभावी लोगों और प्रशासन का सहयोग है।”

नगर के गणमान्य नागरिक रहे मौजूद

​कार्यक्रम के दौरान आश्रम परिसर सेवा भाव से सराबोर रहा। वितरण के समय जरूरतमंदों की आंखों में कृतज्ञता के भाव स्पष्ट देखे जा सकते थे। इस पुनीत कार्य में श्रीकांत गुप्ता, हाजी सेठ नासिर, राघवेंद्र तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार केशव बबेले, राजीव अग्रवाल सहित नगर के अनेक संभ्रांत नागरिक और समाजसेवी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान किया।

​अत: कोंच की दरिद्र नारायण सेवा समिति ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो समाज के अभावग्रस्त वर्गों की जिंदगी में खुशियों के रंग भरे जा सकते हैं।

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