जालौन: सिंचाई के लिए बिजली संकट से जूझ रहे अन्नदाता, भारतीय किसान संघ ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन: बुंदेलखंड के किसानों के माथे पर एक बार फिर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं। शनिवार को जालौन की गल्ला मंडी परिसर में भारतीय किसान संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली न मिलने और आगामी गेहूं खरीद की अव्यवस्थाओं को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया गया। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह गुर्जर ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रांतीय अध्यक्ष साहब सिंह चौहान उपस्थित रहे।
फसलों पर गहराया संकट: बमुश्किल 10 घंटे मिल रही बिजली
बैठक के दौरान किसानों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि वर्तमान में खेतों में उड़द, मूंग और मक्का जैसी नकदी फसलें खड़ी हैं, जिन्हें इस समय सबसे अधिक पानी की आवश्यकता है। शासन और प्रशासन के दावों के विपरीत, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति महज 10 से 11 घंटे तक ही सीमित रह गई है। लो वोल्टेज और अघोषित कटौती के कारण सिंचाई के उपकरण सुचारू रूप से नहीं चल पा रहे हैं, जिसके फलस्वरूप फसलें अब सूखने की कगार पर पहुँच गई हैं। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ, तो उनकी पूरी मेहनत और निवेश मिट्टी में मिल जाएगा।
गेहूं खरीद केंद्रों पर कुप्रबंधन की आशंका
आगामी रबी सीजन की फसल कटाई और गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर भी किसानों ने गंभीर चिंता जताई। किसानों ने मांग की कि गेंहू क्रय केंद्रों पर तुलाई के लिए लगने वाली लंबी कतारों और बिचौलियों की दखलअंदाजी को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम पहले ही किए जाएं। किसानों का कहना है कि हर वर्ष उन्हें क्रय केंद्रों पर हफ्तों तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती है बल्कि उनकी उपज की सुरक्षा का जोखिम भी बढ़ जाता है। संगठन ने मांग की है कि टोकन व्यवस्था और पर्याप्त श्रम शक्ति की उपलब्धता पहले ही सुनिश्चित की जाए।
आर-पार की लड़ाई का आह्वान: 24 घंटे बिजली की मांग
मुख्य अतिथि साहब सिंह चौहान ने किसानों को संबोधित करते हुए प्रशासनिक उदासीनता पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की कि किसानों को फसल की सिंचाई के लिए कम से कम 24 घंटे निर्वाध बिजली की आपूर्ति की जाए। चौहान ने चेतावनी देते हुए कहा, “किसान देश की रीढ़ है, लेकिन आज उसे अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। यदि बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ और क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं, तो भारतीय किसान संघ तहसील और जिला मुख्यालय पर उग्र धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होगा।”
बैठक में उपस्थित रहे प्रमुख पदाधिकारी
कार्यक्रम का कुशल संचालन ब्लॉक मंत्री सुशील तिवारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर संगठन की मजबूती और किसान एकता पर बल दिया गया। बैठक में मुख्य रूप से महेशचंद्र दीक्षित, आनंद द्विवेदी, संजीव सिंह, पानसिंह कुशवाहा, पवन दीक्षित, गोविंद नारायण, शत्रुघ्न नगाइच, यतेंद्र पाल, अंकित गुर्जर, मनीष सिंह, अश्विनी गुर्जर और राजीव दुबे सहित क्षेत्र के दर्जनों प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही जिला प्रशासन को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेगा। किसानों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अब वे आश्वासनों से नहीं बल्कि धरातल पर समाधान से मानेंगे।







