पुनीत कार्य: जालौन में 51 कन्याओं का सामूहिक विवाह संपन्न, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नव-दंपतियों ने शुरू किया नया जीवन

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई/(जालौन)। जनपद के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल मौनी मंदिर परिसर (राठ रोड) में भक्ति, सेवा और सामाजिक समरसता का एक विहंगम दृश्य देखने को मिला। अवसर था मां संकटा देवी मंदिर समिति के तत्वावधान में आयोजित 51 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह का। इस भव्य आयोजन में न केवल 51 जोड़ों ने एक-दूसरे का हाथ थामा, बल्कि पूरे क्षेत्र ने एकजुट होकर सामाजिक सरोकार की एक नई मिसाल पेश की।
वैदिक रीति-रिवाजों से संपन्न हुआ विवाह संस्कार
समारोह का वातावरण सुबह से ही आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। मलोले महाराज के सानिध्य में प्रकांड विद्वानों द्वारा किए गए वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विवाह की रस्में शुरू हुईं। पूरे विधि-विधान और पारंपरिक मर्यादाओं के साथ सभी 51 जोड़ों ने अग्नि के समक्ष सात फेरे लिए और जन्म-जन्मांतर के बंधन में बंध गए। मंदिर परिसर में बनाए गए विभिन्न मंडपों में मंत्रों की गूंज और मांगलिक गीतों ने उत्सव के आनंद को दोगुना कर दिया।
विधायकों ने किया दीप प्रज्ज्वलन, समाज को दिया संदेश
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथि कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी एवं उरई विधायक गौरी शंकर वर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विशिष्ट अतिथियों का स्वागत मंदिर समिति के पदाधिकारियों द्वारा माल्यार्पण कर किया गया।
संबोधन के दौरान विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा, “सामूहिक विवाह का यह आयोजन केवल एक समारोह नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को संबल मिलता है और वे अपनी बेटियों का विवाह गर्व और सम्मान के साथ कर पाते हैं। समाज के हर सक्षम व्यक्ति को ऐसे पुनीत कार्यों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।”
वहीं, उरई विधायक गौरी शंकर वर्मा ने समिति के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक विवाह जैसी पहलें समाज से दहेज जैसी कुप्रथाओं को जड़ से मिटाने में सहायक हैं। उन्होंने इसे सामाजिक एकता और समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
गृहस्थी का सामान पाकर खिले नव-वधुओं के चेहरे
विवाह संपन्न होने के उपरांत, मां संकटा देवी मंदिर समिति की ओर से सभी नवविवाहित जोड़ों को विदाई के समय उपहार स्वरूप घरेलू उपयोग की आवश्यक वस्तुएं प्रदान की गईं। इसमें दैनिक उपयोग के बर्तन, वस्त्र और अन्य सामग्री शामिल थी, ताकि वे अपने नए जीवन की शुरुआत बिना किसी आर्थिक कठिनाई के कर सकें। उपहार प्राप्त कर नव-दंपतियों और उनके परिजनों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।
समिति के सदस्यों की सक्रियता और आभार प्रदर्शन
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में मंदिर समिति के संरक्षक महेंद्र सेठ, रामआसरे भाईजी और डॉ. संतोष खरया समेत पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में समिति ने आए हुए सभी अतिथियों, दानदाताओं और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर बसंत महेश्वरी, संजय दुबे, राकेश पालीवाल, राकेश बाबू गुप्ता, ब्रजेश कुमार गुप्ता, तुलसीराम सोनी, जेपी राजपूत, राजेश गुप्ता, अवधेश तिवारी ‘लालू’, विनोद श्रीवास्तव, संजीव तिवारी, संजय गुप्ता, राजेश कंथरिया, हरिकिशोर गुप्ता ‘रिप्पू’, मनोज दुबे, दिलीप सोनी, कन्हैया गुप्ता, राजू कुरकुरू, अंकित तिवारी, आशीष श्रीवास्तव, विक्की पाठक, शिवराम गुप्ता, नरोत्तम दास सटल्ली, डॉ. नरेश वर्मा, शरद महेश्वरी, अमित गुप्ता, सोनू तिवारी और आशीष गुप्ता सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिक और सेवादार उपस्थित रहे।







