जालौन में कठेरिया समाज के सामूहिक विवाह में उमड़ा जनसैलाब: डिंपल यादव ने 17 जोड़ों को दिया आशीर्वाद, 2027 के लिए फूंका चुनावी बिगुल

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन। जनपद जालौन के ऐतिहासिक परिवेश में रविवार का दिन सामाजिक समरसता और भव्यता का गवाह बना। अवसर था कठेरिया समाज द्वारा आयोजित ‘भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन’ का, जिसमें न केवल 17 निर्धन परिवारों की खुशियों को पंख लगे, बल्कि उत्तर प्रदेश की सियासत के कई दिग्गज चेहरों ने एक साथ मंच साझा कर भविष्य की राजनीतिक दिशा भी तय की। मान्यवर कांशीराम की जयंती के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुईं।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए 17 विवाह

सम्मेलन के दौरान कठेरिया और धानुक समाज के कुल 17 जोड़ों का विवाह पूरी भव्यता के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही उत्सव का माहौल था। वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के बीच जब जोड़ों ने सात फेरे लिए, तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट और मांगलिक गीतों से गूंज उठा। आयोजन समिति ने नवविवाहित जोड़ों के लिए गृहस्थी का आवश्यक सामान और सुव्यवस्थित भोज की व्यवस्था की थी।
डिंपल यादव का भावुक संबोधन: “जालौन की आत्मीयता ने दिल जीत लिया”
पहली बार जालौन आगमन पर सांसद डिंपल यादव का जोरदार स्वागत किया गया। जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “मैं पहली बार जालौन की इस पावन धरती पर आई हूँ और यहाँ के लोगों का प्यार और इस कार्यक्रम का सुव्यवस्थित आयोजन देखकर अत्यंत अभिभूत हूँ। मान्यवर कांशीराम जी की जयंती पर दलित और पिछड़े वर्ग के जोड़ों का इस तरह एक साथ विवाह होना एक नई सामाजिक शुरुआत का प्रतीक है।” उन्होंने समाज से एकजुट होने का आह्वान करते हुए आश्वासन दिया कि भविष्य में इससे भी विशाल आयोजन किए जाएंगे ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
2027 के लक्ष्य पर बोले दिग्गज नेता
फतेहपुर सांसद और सपा के वरिष्ठ नेता नरेश उत्तम पटेल ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का विशेष संदेश लेकर यहाँ आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) वर्ग की एकजुटता ही प्रदेश की तस्वीर बदलेगी। उन्होंने आह्वान किया कि सभी वर्गों को मिलकर कंधे से कंधा मिलाकर काम करना होगा ताकि वर्ष 2027 में अखिलेश यादव को पुन: मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया जा सके।
वहीं, करहल विधायक तेज प्रताप सिंह यादव ने अपने संबोधन में कहा कि कठेरिया समाज का यह प्रयास पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने नेताजी मुलायम सिंह यादव को याद करते हुए कहा कि समाजवादी विचारधारा हमेशा से शोषितों और वंचितों के हक की बात करती रही है।
प्रमुख हस्तियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में राजनीतिक दिग्गजों का जमावड़ा लगा रहा। मंच पर किशनी विधायक बृजेश कठेरिया, पूर्व विधायक दीप नारायण यादव, पूर्व मंत्री हरिओम उपाध्याय, पूर्व विधायक शिवराम कुशवाहा, और चरखारी के पूर्व विधायक कप्तान सिंह राजपूत जैसे कद्दावर नेता मौजूद रहे। साथ ही, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद यादव, सपा जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र बजरिया पुर, जिलाध्यक्ष चौधरी धीरेंद्र सिंह यादव, प्रांतीय सदस्य प्रदीप दीक्षित और महेश सर ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
उत्सव में बदला माहौल, हजारों ने दिया आशीर्वाद
कार्यक्रम के अंत तक हजारों की संख्या में स्थानीय लोग और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे परिसर में मेले जैसा दृश्य था। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से न केवल फिजूलखर्ची रुकती है, बल्कि समाज में एकता का संचार भी होता है। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और नवविवाहित जोड़ों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।







