जालौन में चैत्र नवरात्र का भव्य शुभारंभ: ‘जय माता दी’ के जयघोष से गूंजा आकाश, मां शैलपुत्री के दर्शन को उमड़ा जनसैलाब

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन: भारतीय नव संवत्सर और चैत्र नवरात्र के पावन पर्व के प्रथम दिन समूचा जनपद भक्ति और श्रद्धा के रंग में सराबोर नजर आया। मंगलवार को ब्रह्ममुहूर्त से ही नगर और ग्रामीण अंचलों में स्थित देवी मंदिरों के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप ‘मां शैलपुत्री’ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। मंदिरों में गूंजते घंटों और ‘जय माता दी’ के जयकारों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
मां शैलपुत्री की महिमा: श्रद्धा और विश्वास का संगम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र का प्रथम दिन हिमालय पुत्री मां शैलपुत्री को समर्पित होता है। इस विशेष अवसर पर स्थानीय विद्वान पंडित अरविंद बाजपेई ने मां की महिमा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि, “राजा हिमांचल की पुत्री होने के कारण माता का नाम शैलपुत्री पड़ा। पौराणिक कथाओं के अनुसार, पार्वती अपने पूर्व जन्म में सती थीं। कठिन तपस्या के पश्चात उन्हें मनोवांछित फल प्राप्त हुआ था, इसीलिए जो भक्त सच्चे मन से आज के दिन मां की आराधना करता है, उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।” भक्तों ने आज से नौ दिवसीय कठिन उपवास का संकल्प लिया और सुख-समृद्धि की कामना की।
घरों और मंदिरों में कलश स्थापना व जवारे रोपण
नगर के प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे बड़ी माता मंदिर, छोटी माता मंदिर, नवदुर्गा मंदिर और कामाख्या मंदिर में सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं। पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने कतारबद्ध होकर माता के चरणों में शीश नवाया और जल व पुष्प अर्पित किए। मंदिरों के साथ-साथ घरों में भी आध्यात्मिक उल्लास देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने अपने घरों के पूजा कक्षों में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ‘कलश स्थापना’ (घट स्थापना) की और पारंपरिक रूप से जवारे बोए। कई घरों में अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की गई, जो नौ दिनों तक अनवरत जलती रहेगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद
उत्सव के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए जालौन पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी गई। कोतवाली प्रभारी हरिशंकर और चौकी प्रभारी मनीष तिवारी के नेतृत्व में पुलिस बल ने सुबह से ही मंदिरों के आसपास मोर्चा संभाल लिया था।
महिला श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए महिला चौकी प्रभारी मधु देवी अपनी टीम के साथ विभिन्न मंदिरों में गश्त करती रहीं। मुख्य मार्गों और भीड़भाड़ वाले संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस द्वारा सघन चेकिंग और पैदल गश्त की जा रही है, ताकि असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जा सके और पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखा भारी उत्साह
नगर के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में भी नवरात्र की धूम रही। ग्राम पंचायतों में स्थित प्राचीन देवी मंदिरों की विशेष साज-सज्जा की गई। ग्रामीण क्षेत्रों के भक्तों ने ढोल-नगाड़ों के साथ माता के गीतों का गायन किया। चारों ओर भक्तिमय संगीत और धूप-दीप की सुगंध ने एक अलौकिक दृश्य उत्पन्न कर दिया है। प्रशासन ने आने वाले आठ दिनों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।







