चैत्र नवरात्रि: जालौन के शक्तिपीठों पर उमड़ा आस्था का सैलाब; डीएम-एसपी ने मोर्चा संभालकर परखीं व्यवस्थाएं

0
जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार बैरागढ़ शक्तिपीठ में सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए और पूजा-अर्चना करते हुए

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

उरई (जालौन): चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व के प्रथम दिवस पर संपूर्ण जनपद जालौन भक्ति और शक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगने लगीं। इसी क्रम में, शासन की मंशा के अनुरूप श्रद्धालुओं की सुगमता, सुरक्षा और सुव्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने स्वयं कमान संभाली। जनपद के शीर्ष अधिकारियों ने प्रमुख शक्तिपीठों का सघन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का स्थलीय जायजा लिया।

शक्तिपीठों का स्थलीय निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट

​जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सबसे पहले जनपद के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले बैरागढ़ स्थित शक्तिपीठ पहुंचे। इसके पश्चात उन्होंने मां रक्तिदन्तिका एवं अक्षरा माता मंदिर का भ्रमण किया। अधिकारियों ने मंदिर परिसर के भीतर और बाहर सुरक्षा घेरे का निरीक्षण किया।

​निरीक्षण के दौरान डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने मंदिर समितियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बिंदुवार चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि दर्शन मार्ग पर कहीं भी अवरोध नहीं होना चाहिए। विशेष रूप से बैरिकेडिंग की मजबूती को परखा गया ताकि भीड़ के दबाव में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

बुनियादी सुविधाओं पर प्रशासन का जोर

​श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने नगर निकाय और संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा:

​”नवरात्रि के नौ दिनों तक मंदिरों के आसपास साफ-सफाई, निर्बाध पेयजल आपूर्ति और रात्रि के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शौचालयों की नियमित सफाई और महिलाओं के लिए अलग से चेंजिंग रूम की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।”

सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के कड़े निर्देश

​पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था का खाका खींचते हुए पुलिस बल को अलर्ट रहने को कहा। उन्होंने मंदिर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि वे श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार करें, लेकिन संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखें।

​एसपी ने विशेष रूप से एंटी-रोमियो स्क्वाड और सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की बात कही, ताकि महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अतिरिक्त, मंदिरों की ओर आने वाले मार्गों पर यातायात जाम की स्थिति न बने, इसके लिए पार्किंग और रूट डायवर्जन के संबंध में यातायात पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जनपद की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना

​निरीक्षण के उपरांत, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने परंपरा का निर्वहन करते हुए शक्तिपीठों में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने माँ के चरणों में माथा टेककर जनपदवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और शांतिपूर्ण वातावरण की कामना की।

​प्रशासनिक सक्रियता के कारण प्रथम दिन का पर्व शांतिपूर्ण और उल्लास के साथ संपन्न हो रहा है। प्रशासन की इस मुस्तैदी की स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं द्वारा भी सराहना की जा रही है।

About The Author

Leave a Reply

You may have missed