कुठौंद में स्मार्ट मीटर पर मचा बवाल: भारी विरोध के बाद हरकत में आया विभाग, विशेष अभियान चलाकर शिकायतों का किया निस्तारण

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कुठौंद (जालौन): जनपद के कुठौंद क्षेत्र में पिछले कई दिनों से स्मार्ट मीटर को लेकर चल रहा गतिरोध अब समाधान की ओर बढ़ता दिख रहा है। स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली और बढ़ते बिजली बिलों से आक्रोशित ग्रामीणों के उग्र प्रदर्शन के बाद, विद्युत विभाग ने जमीनी स्तर पर उतरकर मोर्चा संभाला है। अधीक्षण अभियंता के कड़े निर्देशों के बाद उच्चाधिकारियों की टीम ने गांव-गांव जाकर न केवल उपभोक्ताओं की शंकाएं दूर कीं, बल्कि 50 से अधिक लंबित समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया।
ग्रामीणों का आक्रोश और कार्यालय पर धरना
विदित हो कि कुठौंद क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से स्मार्ट मीटरों को लेकर अपनी नाराजगी दर्ज करा रहे थे। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि जब से पुराने मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, तब से उनके मासिक बिजली बिलों में अप्रत्याशित और अनियमित बढ़ोत्तरी हुई है। इस आर्थिक बोझ और तकनीकी पारदर्शिता की कमी के चलते, हाल ही में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर कुठौंद के उपखंड कार्यालय का घेराव किया था और जोरदार धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की थी।
अधीक्षण अभियंता की सख्ती और फील्ड पर उतरी टीम
मामले की गंभीरता को भांपते हुए और बढ़ते जन-आक्रोश को देखते हुए, अधीक्षण अभियंता अभिनेंद्र प्रताप सिंह ने तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश जारी किए। उनके आदेश पर विभाग ने एक विशेष समस्या निवारण अभियान शुरू किया। इस अभियान का नेतृत्व तीन क्षेत्रों के दिग्गज अधिकारियों—एसडीओ कुठौंद निखिल जिंदल, एसडीओ उरई ऋषभ राजपूत और एसडीओ कोंच रविंद्र कुमार को सौंपा गया।
50 से अधिक घरों में लगाए गए मीटर, मौके पर हुआ समाधान
विद्युत विभाग की इस संयुक्त टीम ने क्षेत्र का सघन दौरा किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि कई उपभोक्ताओं ने गुस्से में आकर अपने स्मार्ट मीटर हटा दिए थे। टीम ने उपभोक्ताओं को तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया और उनके मीटर पुनः स्थापित किए। अभियान के दौरान:
- 50 से अधिक नए स्मार्ट मीटर उन घरों में लगाए गए जहां मांग लंबित थी या बदलाव की आवश्यकता थी।
- 50 से अधिक उपभोक्ताओं की बिलिंग और तकनीकी त्रुटियों को मौके पर ही ठीक किया गया।
- जिन उपभोक्ताओं को रीडिंग को लेकर भ्रम था, उन्हें मीटर की कार्यप्रणाली विस्तार से समझाई गई।
तकनीकी विशेषज्ञों और अधिकारियों की उपस्थिति
इस अभियान में केवल प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, बल्कि तकनीकी टीम भी पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद रही। एई धीरेंद्र कुमार आजाद, जेई के.के. वर्मा (कुठौंद), और जेई अभिषेक बाबई ने तकनीकी पेचीदगियों को हल किया। वहीं, स्मार्ट मीटर निर्माता ‘जीनस कंपनी’ के अधिकारी और कर्मचारियों ने मीटर की सटीकता की जांच की। इस मौके पर लाइनमैन रोहित मिश्र, कमलाकांत, सोनू शर्मा और बलवीर सहित अन्य विभागीय कर्मियों ने भी स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाई।
उपभोक्ताओं के लिए राहत: स्थापित होगा विशेष शिकायत काउंटर
विद्युत विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि किसी भी उपभोक्ता के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन ने घोषणा की है कि स्मार्ट मीटर से संबंधित किसी भी विसंगति को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अब कुठौंद उपखंड कार्यालय में एक समर्पित शिकायत काउंटर स्थापित किया जाएगा। यहाँ उपभोक्ता सीधे जाकर अपनी रीडिंग, बिलिंग या मीटर से जुड़ी तकनीकी खराबी की शिकायत दर्ज करा सकेंगे, जिसका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि वे आगामी बिलों की निगरानी करेंगे और यदि अनियमितताएं जारी रहीं, तो वे पुनः आवाज उठाएंगे।







