जालौन: माधौगढ़ में स्मार्ट मीटर के खिलाफ फूटा महिलाओं का आक्रोश, हाथों में मीटर लेकर सड़कों पर उतरीं सैकड़ों महिलाएं, घंटों लगा रहा जाम

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
माधौगढ़ (जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के माधौगढ़ कस्बे में मंगलवार को बिजली विभाग के खिलाफ जन-आक्रोश का एक अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। स्मार्ट मीटरों की कथित अनियमितताओं और भारी-भरकम बिलों से त्रस्त होकर करीब 500 महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया। वार्ड संख्या 2, 4, 5 और 10 की महिलाओं ने न केवल सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया, बल्कि प्रतीकात्मक रूप से अपने घरों के स्मार्ट मीटर हाथों में लेकर विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रमुख मार्गों पर चक्का जाम, थमी रफ्तार
महिलाओं के इस विशाल प्रदर्शन का सीधा असर क्षेत्र के यातायात पर पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने चितौरा बस स्टैंड और सिहारी बस स्टैंड जैसे महत्वपूर्ण चौराहों पर घेराबंदी कर दी, जिससे देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मुख्य मार्गों पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा, लेकिन प्रदर्शन कर रही महिलाओं के गुस्से के आगे प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
अधिकारियों की टीम पहुंची, वार्ता रही बेनतीजा
हंगामे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मौके पर एसडीएम राकेश सोनी, क्षेत्राधिकारी (सीओ), स्थानीय इंस्पेक्टर के साथ विद्युत विभाग के एसडीओ और जेई भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को समझाने-बुझाने और सड़क खाली करने का अनुरोध किया। प्रशासन और महिलाओं के बीच काफी देर तक वार्ता का दौर चला, लेकिन महिलाएं किसी भी ठोस आश्वासन के बिना हटने को तैयार नहीं थीं। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना था कि जब तक भ्रष्टाचार बंद नहीं होगा और स्मार्ट मीटरों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।
स्मार्ट मीटर और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने बिजली विभाग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि जब से नए स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, तब से बिजली के बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। महिलाओं का आरोप है कि मीटर गलत रीडिंग दिखा रहे हैं, जिससे मध्यम और निम्न वर्गीय परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। “विद्युत विभाग भ्रष्टाचार बंद करो” और “स्मार्ट मीटर हटाओ” जैसे नारों के साथ महिलाओं ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
जेई पर अभद्र व्यवहार का आरोप
इस विरोध प्रदर्शन में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। आंदोलनकारी महिलाओं ने रामपुरा क्षेत्र के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) पर अभद्र व्यवहार और बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। महिलाओं का कहना है कि जब वे अपनी समस्याओं को लेकर विभाग के पास जाती हैं, तो उनकी सुनवाई होने के बजाय उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया जाता है। अधिकारियों के इस रवैये ने आग में घी डालने का काम किया है, जिससे नगरवासियों में गहरा रोष व्याप्त है।
मांगों पर अड़े नगरवासी
समस्त नगरवासियों की ओर से की गई इस मांग में स्पष्ट कहा गया है कि वर्तमान में लगाए गए स्मार्ट मीटरों को तत्काल हटाया जाए और पुराने पारदर्शी बिलिंग सिस्टम को बहाल किया जाए। देर शाम तक चले इस ड्रामे के बाद प्रशासन ने उचित जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन स्थानीय निवासी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटरिंग परियोजना और उपभोक्ताओं के बीच बढ़ते अविश्वास की खाई को उजागर कर दिया है।







