भीषण गर्मी में गोवंशों की सुरक्षा को लेकर जालौन प्रशासन सख्त: जिलाधिकारी ने पिया निरंजनपुर गौशाला का किया औचक निरीक्षण

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन: उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान ने न केवल इंसानों बल्कि बेजुबान पशुओं के लिए भी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। जनपद जालौन में गोवंशों के संरक्षण और उनकी समुचित देखभाल को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विकासखंड डकोर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पिया निरंजनपुर स्थित बृहद गौशाला का सघन स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की और अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि पशुओं की सेवा में किसी भी स्तर पर लापरवाही अक्षम्य होगी।
पेयजल व्यवस्था पर विशेष जोर: ‘चरहियों में रहे साफ और ठंडा पानी’
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी का मुख्य फोकस गर्मी के प्रकोप से गोवंशों को बचाने पर रहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और गौशाला संचालकों को निर्देशित किया कि गौशाला परिसर में बनी सभी चरहियों (पानी की टंकियों) की प्रतिदिन सफाई सुनिश्चित की जाए। डीएम ने कड़े लहजे में कहा कि पशुओं के लिए हर समय स्वच्छ और ठंडे पेयजल की उपलब्धता रहनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी की कमी या गंदगी के कारण यदि किसी पशु के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित पंचायत सचिव और जिम्मेदार अधिकारी उत्तरदायी होंगे।
हरे चारे की बुवाई का अवलोकन और अतिरिक्त शेड के निर्देश
पशुओं के पोषण स्तर को बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने गौशाला परिसर में लगभग 05 एकड़ भूमि पर की गई हरे चारे की बुवाई का भी अवलोकन किया। उन्होंने चारे की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि गोवंशों के आहार में सूखे भूसे के साथ नियमित रूप से हरा चारा अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
बढ़ते पारे को देखते हुए, जिलाधिकारी ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए गौशाला में एक अतिरिक्त शेड के निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोवंशों की संख्या के अनुपात में छायादार स्थान पर्याप्त होना चाहिए ताकि चिलचिलाती धूप और लू (Heatwave) से उन्हें सुरक्षित रखा जा सके।
भंडारण की समीक्षा: चोकर और भूसे की उपलब्धता पर संतोष
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गौशाला के गोदामों में जाकर भूसा, चना, चोकर और अन्य पशु आहार के स्टॉक की भौतिक समीक्षा की। वर्तमान में भंडारण की स्थिति पर्याप्त पाई गई, जिस पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। हालांकि, उन्होंने अग्रिम रणनीति बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि आगामी महीनों की जरूरतों को देखते हुए चारे और आहार की आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।
मानवीय दृष्टिकोण: स्वयं खिलाया गुड़, परखी संवेदनशीलता
निरीक्षण के दौरान एक संवेदनशील दृश्य तब देखने को मिला जब जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्वयं अपने हाथों से गोवंशों को गुड़ खिलाया। उन्होंने इस कार्य के माध्यम से संदेश दिया कि गौशाला का संचालन केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि एक पुनीत और मानवीय कार्य है। उन्होंने उपस्थित कर्मचारियों से कहा, “गौ सेवा को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ करें। बेजुबान पशुओं की सेवा ही वास्तविक मानवता है।”
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) राम अयोध्या प्रसाद, संबंधित ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान और पशुपालन विभाग के अन्य प्रमुख अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी के इस सक्रिय कदम से जनपद के अन्य क्षेत्रों में संचालित गौशाला प्रबंधकों के बीच भी कड़ा संदेश गया है। प्रशासन की इस सक्रियता की आम जनमानस और पशु प्रेमियों द्वारा सराहना की जा रही है।






