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भीषण गर्मी और हीटवेव को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट: जिलाधिकारी ने जारी किया ‘जीरो जनहानि’ का एक्शन प्लान

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ हीटवेव और लू से बचाव की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

उरई/(जालौन)। आगामी ग्रीष्म ऋतु के आगमन से पूर्व ही प्रकृति के बदलते मिजाज और संभावित भीषण गर्मी (लू) की आहट ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि हीटवेव (Heatwave) के दौरान आमजन की सुरक्षा और राहत सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में निर्देश दिए कि इस वर्ष गर्मी के प्रकोप से किसी भी प्रकार की जनहानि न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ ठोस रणनीति पर काम करें।

​जिला स्तरीय समेकित एक्शन प्लान की तैयारी

​बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देशित किया कि वे सभी संबंधित विभागों की पृथक कार्ययोजनाओं को संकलित कर एक ‘जिला स्तरीय हीटवेव एक्शन प्लान’ तैयार करें। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी की जाने वाली चेतावनियों को केवल फाइलों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इनका व्यापक प्रचार-प्रसार ग्राम पंचायत स्तर तक सोशल मीडिया, मुनादी और स्थानीय समाचारों के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।

​स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण और चिकित्सा अलर्ट

​स्वास्थ्य विभाग को ‘अलर्ट मोड’ पर रहने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिले के सभी प्राथमिक, सामुदायिक और जिला अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के उपचार हेतु विशेष वार्ड आरक्षित किए जाएं।

  • ​संसाधनों की उपलब्धता: अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में आईवी फ्लूड (IV Fluid), ओआरएस (ORS) पैकेट और आवश्यक दवाइयों का स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
  • ​प्रशिक्षण: डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को हीट स्ट्रोक प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि आपातकालीन स्थिति में त्वरित उपचार मिल सके।
  • ​एम्बुलेंस सेवा: एम्बुलेंस सेवाओं को सक्रिय रखने और उनके रिस्पांस टाइम को कम करने पर जोर दिया गया है।

​नगर निकाय और ग्रामीण विकास के लिए निर्देश

​शहरी क्षेत्रों में नगर पालिका और नगर पंचायतों को निर्देशित किया गया है कि वे सार्वजनिक स्थलों, बस अड्डों और बाजारों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करें। जिलाधिकारी ने पुराने वाटर कूलरों की मरम्मत और नए शीतल विश्राम स्थलों (Shadow Areas) के निर्माण के आदेश दिए। साथ ही, शहरी इलाकों में तापमान कम करने के लिए सड़कों पर पानी के छिड़काव और हरियाली बढ़ाने की योजना पर चर्चा की गई।

​ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जिला पंचायत राज विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर लू से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करें। ग्रामीण पाइपलाइन और हैंडपंपों की मरम्मत के लिए जल निगम को युद्धस्तर पर कार्य करने को कहा गया है।

​शिक्षा, विद्युत और पशुपालन विभाग को विशेष टास्क

​शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया है कि यदि तापमान सामान्य से अधिक होता है, तो विद्यालयों के समय में तत्काल प्रभाव से परिवर्तन किया जाए और विद्यार्थियों को दोपहर की धूप से बचने की सलाह दी जाए। इसी क्रम में, विद्युत विभाग को निर्देश दिए गए कि गर्मी के दौरान लोड बढ़ने पर भी निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि पेयजल आपूर्ति बाधित न हो।

​पशुपालन विभाग को बेजुबान जानवरों के लिए सार्वजनिक प्याऊ और छायादार स्थानों का प्रबंध करने तथा पुलिस विभाग को चौराहों पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों और आमजन की सहायता हेतु निर्देशित किया गया है।

​बैठक में उपस्थित रहे उच्चाधिकारी

​समीक्षा बैठक के दौरान प्रशासन के प्रमुख स्तंभ मौजूद रहे, जिनमें अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) योगेन्द्र सिंह, और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नेहा ब्याडवाल प्रमुख थे। इसके अतिरिक्त सभी उप जिलाधिकारी (SDM), तहसीलदार और विभिन्न विभागीय अध्यक्षों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और जिलाधिकारी को अपनी-अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

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