जालौन: ईंधन और गैस की आपूर्ति को लेकर जिला प्रशासन सख्त, जिलाधिकारी ने कहा- “अफवाहों पर न दें ध्यान, जनपद में पर्याप्त है स्टॉक”

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जालौन कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय पेट्रोल पंप संचालकों और गैस डीलरों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन। जनपद में आवश्यक सेवाओं और ऊर्जा संसाधनों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दे रहा है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की उपलब्धता को लेकर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिलाधिकारी ने न केवल वर्तमान स्टॉक की समीक्षा की, बल्कि आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली बाधाओं और भविष्य की मांग को लेकर कड़े दिशा-निर्देश भी जारी किए।

ईंधन और गैस का पर्याप्त भंडारण: आंकड़ों ने दी राहत

​बैठक के दौरान प्रस्तुत किए गए आंकड़ों से यह स्पष्ट हुआ कि जनपद में ईंधन की कोई कमी नहीं है। आपूर्ति विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, वर्तमान में जालौन के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर 2,130 किलोलीटर डीजल और 1,276.7 किलोलीटर पेट्रोल का विशाल भंडार मौजूद है।

​रसोई गैस की स्थिति पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि जनपद की विभिन्न एजेंसियों के पास कुल 10,223 घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किग्रा) उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, व्यावसायिक गतिविधियों के लिए 19 किलोग्राम वाले 767 कमर्शियल सिलेंडर और छोटे उपभोक्ताओं के लिए 5 किलोग्राम वाले 177 सिलेंडर स्टॉक में हैं। जिलाधिकारी ने इन आंकड़ों पर संतोष व्यक्त करते हुए जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की किल्लत की अफवाहों पर भरोसा न करें और पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) से बचें।

शादी-विवाह के सीजन को लेकर विशेष निर्देश

​आगामी महीनों में शादी-विवाह और अन्य मांग वाले अवसरों को देखते हुए जिलाधिकारी ने गैस एजेंसियों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि मांग बढ़ने पर भी उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की प्रतीक्षा या असुविधा नहीं होनी चाहिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि होम डिलीवरी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए। उन्होंने कहा, “उपभोक्ता का अधिकार है कि उसे समय पर सिलेंडर मिले, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति

​जिलाधिकारी ने पेट्रोल पंप संचालकों और गैस डीलरों को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रशासन की नजर हर गतिविधि पर है। उन्होंने सख्त लहजे में निर्देश दिए कि ईंधन की उपलब्धता को लेकर पूरी पारदर्शिता बरती जाए और स्टॉक बोर्ड पर नियमित रूप से जानकारी अपडेट की जाए।

​”यदि जनपद में कहीं भी कृत्रिम कमी पैदा करने, कालाबाजारी या अवैध जमाखोरी की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित संचालक के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रशासन सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।” – राजेश कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी, जालौन

अधिकारियों को निरंतर निगरानी के निर्देश

​बैठक के समापन पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और फील्ड पर निरंतर निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी को आदेश दिया कि वे नियमित अंतराल पर निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि आमजन को निर्धारित दर पर ही सामग्री उपलब्ध हो।

​इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी राजीव शुक्ला सहित आपूर्ति विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में पेट्रोल पंप व गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन की इस सक्रियता और स्पष्ट आंकड़ों के सार्वजनिक होने से जनपदवासियों के बीच व्याप्त भ्रम की स्थिति समाप्त हुई है और राहत का माहौल बना है।

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