जालौन: 4 दिन से लापता पूर्व प्रधान की नहर किनारे मिली सड़ी-गली लाश, इलाके में फैली सनसनी; हत्या या दुर्घटना? जांच में जुटी पुलिस

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद के कुठौंद थाना क्षेत्र से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ पिछले चार दिनों से लापता एक पूर्व प्रधान का शव संदिग्ध परिस्थितियों में नहर किनारे झाड़ियों में बरामद हुआ है। शव की स्थिति इतनी भयावह थी कि वह पूरी तरह सड़ चुका था और उसमें कीड़े पड़ चुके थे। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गुत्थी सुलझाने की कोशिश कर रही है।
दुर्गंध से खुला राज: हाईवे से चंद कदमों की दूरी पर पड़ा था शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुठौंद थाना क्षेत्र के अंतर्गत ऑल बिजबाहा रोड पर नहर कोठी के पास यह शव बरामद हुआ। हैरत की बात यह है कि घटनास्थल मुख्य हाईवे से मात्र 20 कदम की दूरी पर है, लेकिन घनी झाड़ियों और रोड किनारे होने के बावजूद कई दिनों तक किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी। शनिवार को जब वहां से गुजरने वाले राहगीरों और आसपास के लोगों को तीव्र दुर्गंध महसूस हुई, तो उन्होंने पास जाकर देखा। वहां एक वृद्ध का क्षत-विक्षत शव पड़ा देख लोगों के होश उड़ गए। तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।
शिनाख्त होते ही परिवार में मचा कोहराम
सूचना मिलते ही कुठौंद थाना प्रभारी निरीक्षक जगदंबा दुबे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव की स्थिति को देखते हुए तुरंत फोरेंसिक टीम को साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया। शुरुआत में शव की पहचान करना मुश्किल हो रहा था, क्योंकि मृतक के पास कोई पहचान पत्र या मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ था।
पुलिस द्वारा आसपास के गांवों में संपर्क किए जाने पर घटनास्थल पहुंचे गोविंद सिंह ने शव की पहचान अपने पिता देव सिंह (75 वर्ष) के रूप में की। मृतक देव सिंह ग्राम टिकरी मुस्तकिल के पूर्व प्रधान थे। परिजनों ने बताया कि वह पिछले चार दिनों से घर से लापता थे। परिवार के सदस्य उन्हें हर संभावित स्थान पर तलाश रहे थे, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चल सका था। जैसे ही उनकी मौत की खबर घर पहुंची, परिवार में चीख-पुकार मच गई।
पुलिस की जांच: शराब की लत और संदिग्ध परिस्थितियां
घटना की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी (CO) जालौन, शैलेंद्र बाजपेयी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मृतक के शराब के आदी होने की बात सामने आई है। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, वह अक्सर नशे की हालत में घर से बाहर चले जाते थे। हालांकि, शव का हाईवे के इतना करीब मिलना और चार दिनों तक किसी को दिखाई न देना कई सवाल खड़े कर रहा है।
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि मौत प्राकृतिक थी, दुर्घटना थी या किसी ने रंजिशन पूर्व प्रधान की हत्या कर शव को वहां फेंका था। शरीर पर चोट के निशान सड़न की वजह से स्पष्ट नहीं हो पा रहे हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजरें
सीओ जालौन ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा:
”शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस सभी पहलुओं, जिनमें रंजिश, दुर्घटना और बीमारी शामिल है, पर बारीकी से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा होगा और उसी के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
फिलहाल, पूर्व प्रधान की इस संदिग्ध मौत से टिकरी गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक के साथ-साथ आक्रोश भी है। ग्रामीण पुलिस से निष्पक्ष जांच और मामले के जल्द खुलासे की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।






