उरई: नाले में मिला जिला अस्पताल के वार्ड बॉय का शव, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप; ऑफिसर कॉलोनी में सनसनी

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उरई की ऑफिसर कॉलोनी के नाले में मिला जिला अस्पताल के वार्ड बॉय राघवेंद्र शर्मा का शव, मौके पर जांच करती पुलिस और उमड़ी भीड़

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

उरई (जालौन): जनपद के उरई कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पॉश ऑफिसर कॉलोनी उस समय दहल गई, जब वहां स्थित एक गहरे नाले में एक अज्ञात शव देखे जाने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शव को बाहर निकाला, तो उसकी शिनाख्त 40 वर्षीय राघवेंद्र शर्मा पुत्र भूरे शर्मा के रूप में हुई। राघवेंद्र उरई के जिला अस्पताल (संजिला अस्पताल) में वार्ड बॉय के पद पर तैनात थे। मृतक बीते 29 अप्रैल से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता थे, जिनकी तलाश परिजन और स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही थी।

सीडीओ आवास के पास मिला शव, मची अफरा-तफरी

​शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी (CDO) आवास के समीप स्थित नाले में शव मिलने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते ऑफिसर कॉलोनी में स्थानीय नागरिकों और अस्पताल कर्मियों की भारी भीड़ जमा हो गई। राघवेंद्र शर्मा का शव मिलने की सूचना मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए।

परिजनों का गंभीर आरोप: “यह हादसा नहीं, सोची-समझी हत्या है”

​इस दुखद घटना ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब मृतक के छोटे भाई रविंद्र शर्मा ने इसे आकस्मिक मौत मानने से इनकार कर दिया। रविंद्र शर्मा ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि उनके बड़े भाई राघवेंद्र की किसी अज्ञात व्यक्ति या गिरोह द्वारा हत्या की गई है और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को ऑफिसर कॉलोनी के नाले में फेंक दिया गया।

​परिजनों का कहना है कि राघवेंद्र का किसी से कोई बड़ा विवाद नहीं था, लेकिन जिस तरह से उनका शव नाले में पड़ा मिला, वह कई अनसुलझे सवाल खड़े करता है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिसिया जांच और पोस्टमार्टम का इंतजार

​कोतवाली पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मौत के सटीक कारणों का पता लगाना मुश्किल है क्योंकि शव कुछ दिन पुराना लग रहा है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं जो मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स (CDR) और ऑफिसर कॉलोनी के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं।

अधिकारियों का पक्ष:

​”हमने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया है। परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मृत्यु डूबने से हुई है या चोट लगने के कारण। कानून व्यवस्था बनी हुई है और जल्द ही मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।” — स्थानीय पुलिस प्रशासन

अस्पताल कर्मियों में शोक और आक्रोश

​जिला अस्पताल के एक मिलनसार वार्ड बॉय के रूप में पहचाने जाने वाले राघवेंद्र शर्मा की मौत से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में भी गहरा शोक है। सहकर्मियों का कहना है कि राघवेंद्र अपने कार्य के प्रति समर्पित थे। उनकी रहस्यमयी मौत ने सरकारी आवासों और सुरक्षित मानी जाने वाली ऑफिसर कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं।

​फिलहाल, पूरे जिले की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ होगा कि राघवेंद्र की मौत एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा थी या फिर उरई में किसी बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया है।

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