NEET UG 2026: जनपद में कड़ी प्रशासनिक निगरानी के बीच संपन्न हुई नीट परीक्षा; डीएम-एसपी ने केंद्रों पर की छापेमारी

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जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ NEET UG 2026 परीक्षा केंद्र के बाहर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

उरई (जालौन): चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र की प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा’ (NEET-UG) 2026 रविवार को जिले भर में पूर्णतः शांतिपूर्ण, नकलविहीन और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई। जिला प्रशासन की अभूतपूर्व सक्रियता और त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे के चलते पूरी परीक्षा के दौरान पारदर्शिता और शुचिता का विशेष ध्यान रखा गया।

उच्चाधिकारियों का औचक निरीक्षण और सुरक्षा समीक्षा

​परीक्षा की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह स्वयं सड़कों पर उतरे। दोनों उच्चाधिकारियों ने जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासनिक बेड़े के इस औचक दौरे से केंद्र व्यवस्थापकों और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही, हालांकि सभी केंद्रों पर मानक के अनुरूप व्यवस्थाएं पाई गईं।

​डीएम और एसपी के काफिले ने जवाहर नवोदय विद्यालय, दयानंद वैदिक कॉलेज, सर्वोदय इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जैसे प्रमुख केंद्रों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने न केवल बाहर की सुरक्षा देखी, बल्कि कंट्रोल रूम में बैठकर सीसीटीवी कैमरों की फीड का भी अवलोकन किया।

पारदर्शिता के साथ समझौता नहीं: जिलाधिकारी

​निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने केंद्र व्यवस्थापकों को सख्त लहजे में हिदायत दी। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा की पारदर्शिता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनुचित गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कहीं भी शुचिता भंग होने की सूचना मिली, तो संबंधित के विरुद्ध कठोरतम विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” उन्होंने अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल और थर्मल स्कैनिंग जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी जानकारी ली।

कड़ा सुरक्षा घेरा और सघन चेकिंग

​पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालते हुए प्रत्येक केंद्र के प्रवेश द्वार पर पुलिस बल की तैनाती का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर से सघन चेकिंग की जाए और किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या संदिग्ध वस्तु को केंद्र के भीतर न जाने दिया जाए।

​एसपी ने बताया कि परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 प्रभावी रही और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। सोशल मीडिया सेल को भी सक्रिय रखा गया ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह को फैलने से रोका जा सके।

सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों की रही पैनी नजर

​परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए पूरे जनपद को सेक्टर और जोन में विभाजित किया गया था। जिलाधिकारी द्वारा तैनात किए गए सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट लगातार अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमणशील रहे। प्रश्नपत्रों के वितरण से लेकर ओएमआर शीट के सीलिंग तक की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई।

​प्रशासनिक टीम की इस चौतरफा सक्रियता और सख्ती के परिणामस्वरूप, पूरे जनपद में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या अनुचित साधनों के प्रयोग की सूचना प्राप्त नहीं हुई। शाम को परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों ने भी प्रशासनिक व्यवस्थाओं की सराहना की। प्रशासन की इस सजगता ने यह सिद्ध कर दिया कि सामूहिक प्रयास और कड़ी निगरानी से किसी भी बड़ी परीक्षा को शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सकता है।

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