जालौन: डकोर में पराली की आग ने धारण किया विकराल रूप, गैस गोदाम के पास मची अफरा-तफरी; बड़ा हादसा टला

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जालौन के डकोर में हमीरपुर शाखा नहर के पास खेतों में लगी भीषण आग को बुझाते दमकल कर्मी और स्थानीय ग्रामीण, पृष्ठभूमि में गैस एजेंसी का गोदाम।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन। जनपद के डकोर कस्बे में रविवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब हमीरपुर शाखा नहर के किनारे खेतों में पड़ी पराली में भीषण आग लग गई। तेज पछुआ हवाओं के झोंकों ने आग की चिंगारी को चंद मिनटों में विकराल लपटों में तब्दील कर दिया। सबसे भयावह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब आग की दिशा सीधे पास स्थित ‘भागीरथ गैस एजेंसी’ के गोदाम की ओर होने लगी। हालांकि, दमकल विभाग की मुस्तैदी और ग्रामीणों के अदम्य साहस से एक बड़ा विनाशकारी हादसा होने से बच गया।

तेज हवाओं ने आग को दिया घी का काम

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय जब धूप अपने चरम पर थी, तभी अचानक नहर किनारे खेतों से धुआं उठते देखा गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, सूखी पराली ने आग पकड़ ली। रविवार को चल रही तेज हवाओं के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की गगनचुंबी लपटें भागीरथ गैस गोदाम की चहारदीवारी के बेहद करीब पहुँच गई थीं। गोदाम में बड़ी संख्या में भरे हुए गैस सिलेंडर मौजूद थे, जिससे पूरे क्षेत्र में यह आशंका फैल गई कि यदि आग गोदाम के भीतर पहुंची, तो होने वाले विस्फोट से डकोर कस्बे का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो सकता है।

ग्रामीणों और पुलिस का संयुक्त मोर्चा

​घटना की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने तत्काल डायल 112 और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। सूचना मिलते ही डकोर कोतवाली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। दमकल की गाड़ियां जब तक मौके पर पहुंचतीं, तब तक योगेंद्र, हिमांशु, गजेंद्र और मनोज जैसे जागरूक ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए थे। दमकल कर्मियों के पहुँचते ही ग्रामीणों ने कंधे से कंधा मिलाकर पाइप थामे और आग पर पानी की बौछारें शुरू कीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग को गैस गोदाम की बाउंड्री से महज कुछ मीटर की दूरी पर ही रोक लिया गया।

बड़े जान-माल के नुकसान की थी आशंका

​क्षेत्रीय जानकारों का कहना है कि यदि आग पर काबू पाने में 10-15 मिनट की भी देरी होती, तो परिणाम भयावह हो सकते थे। गैस एजेंसी के गोदाम में मौजूद सिलेंडरों में विस्फोट होने की स्थिति में न केवल संपत्ति का नुकसान होता, बल्कि आसपास के रिहायशी इलाकों में भी जान का भारी जोखिम खड़ा हो सकता था। इस अग्निकांड में हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन लगभग 10 बीघा खेत में पड़ी पराली जलकर पूरी तरह राख हो गई है।

प्रशासनिक जांच और सतर्कता की अपील

​घटना के बाद डकोर पुलिस ने मौके का मुआयना कर स्थिति का जायजा लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चल सका है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर इसे किसी लापरवाही या जलती हुई चिंगारी का परिणाम माना जा रहा है। डकोर पुलिस ने आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने किसानों और ग्रामीणों से अपील की है कि गर्मी के इस मौसम में पराली न जलाएं और आग के प्रति विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि एक छोटी सी चूक बड़े हादसे का सबब बन सकती है।

​फिलहाल, क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, लेकिन इस घटना ने अग्निशमन सुरक्षा मानकों और गैस गोदामों की रिहायशी इलाकों व खेतों से दूरी पर एक बार फिर नई बहस छेड़ दी है।

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