जालौन: पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए प्रशासन मुस्तैद; अभेद्य सुरक्षा घेरे में होंगे 09 केंद्र, डीएम-एसपी ने दिए कड़े निर्देश

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई, जालौन: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस) एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा को लेकर जनपद जालौन का प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। आगामी 14 और 15 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली इस परीक्षा को ‘नकलविहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण’ संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने कमर कस ली है। विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि परीक्षा की सुचिता से समझौता करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
दो पालियों में 9,600 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बैठक में जानकारी दी कि जनपद में कुल 09 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा का आयोजन 14 एवं 15 मार्च को प्रतिदिन दो पालियों में किया जाएगा। प्रत्येक पाली में 2400 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे, इस प्रकार दो दिनों में कुल 9,600 परीक्षार्थियों के भाग्य का फैसला होगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों पर बिजली, पानी, बैठने की समुचित व्यवस्था और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
मजिस्ट्रेटों की तैनाती और सीसीटीवी से निगरानी
प्रशासन ने परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की फौज मैदान में उतार दी है। प्रत्येक केंद्र पर:
- केंद्र व्यवस्थापक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की सीधी तैनाती रहेगी।
- क्षेत्रीय स्तर पर सेक्टर मजिस्ट्रेट लगातार केंद्रों का भ्रमण करेंगे।
- परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए मुख्यालय से सीधी निगरानी की जाएगी। डीएम ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध तत्काल कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
200 मीटर के दायरे में सन्नाटा: साइबर कैफे और फोटोस्टेट दुकानें रहेंगी बंद
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने कड़े नियम लागू किए हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में स्थित सभी साइबर कैफे, फोटोस्टेट और प्रिंटिंग की दुकानों को परीक्षा की अवधि के दौरान अनिवार्य रूप से बंद रखा जाएगा। इसका उद्देश्य तकनीकी माध्यमों से होने वाली किसी भी संभावित धोखाधड़ी या पेपर लीक की कोशिशों को शून्य करना है। इसके अलावा, केंद्रों के बाहर भीड़ जमा न होने देने के लिए धारा 144 के मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर पूर्ण प्रतिबंध और सघन तलाशी
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर या किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूर्णतः वर्जित है। अभ्यर्थियों को सघन तलाशी (Frisking) के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षार्थियों की सहायता के लिए प्रत्येक केंद्र पर एक ‘हेल्प डेस्क’ भी बनाई जाएगी, जहां पुलिसकर्मी और प्रशासनिक कर्मचारी अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन करेंगे।
यातायात और कानून व्यवस्था
परीक्षा के दौरान शहर में जाम की स्थिति न बने, इसके लिए यातायात पुलिस को विशेष रूट चार्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) योगेंद्र यादव और अपर पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार वर्मा को सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग का जिम्मा सौंपा गया है। बैठक में वरिष्ठ कोषाधिकारी अवनीश सिंह और जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पंडित सहित सभी संबंधित विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन का यह कड़ा रुख साफ संदेश देता है कि जालौन में पुलिस भर्ती परीक्षा केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की साख की परीक्षा है, जिसे हर हाल में निष्पक्ष बनाए रखने का संकल्प लिया गया है।







