कालपी: अपहरण का आरोप निकला प्रेम प्रसंग, पुलिस ने युवती को किया बरामद; अब कोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें

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कालपी कोतवाली पुलिस स्टेशन के बाहर खड़ी पुलिस टीम और बरामद की गई युवती की सांकेतिक तस्वीर, जिसमें कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

कालपी (जालौन): जनपद के कालपी नगर में पिछले कुछ दिनों से चर्चा का विषय बनी एक युवती की गुमशुदगी के मामले में शनिवार को एक नया मोड़ आया। पुलिस द्वारा बरामद की गई युवती ने परिजनों द्वारा लगाए गए ‘अपहरण’ के सनसनीखेज आरोपों को पूरी तरह से सिरे से खारिज कर दिया है। मामला अब स्पष्ट रूप से प्रेम प्रसंग का बताया जा रहा है, जिसमें युवती ने अपनी मर्जी से युवक के साथ जाने की बात स्वीकार की है।

क्या था पूरा मामला?

​घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब कालपी नगर के एक निवासी ने स्थानीय कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता पिता ने आरोप लगाया था कि उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया गया है। परिजनों ने रामचबूतरा निवासी एक युवक पर सीधा आरोप मढ़ते हुए कहा था कि उसने युवती की एक सहेली के माध्यम से षडयंत्र रचा और उसे अगवा कर लिया। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

पुलिस जांच और युवती का बयान

​कोतवाली प्रभारी अजय ब्रह्म तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार युवती की तलाश में जुटी थी। इसी बीच शनिवार को युवती स्वयं पुलिस के समक्ष उपस्थित हुई। युवती ने पुलिस को दिए अपने प्रारंभिक बयान में स्पष्ट किया कि उसका अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि वह अपनी स्वेच्छा से युवक के साथ गई थी। युवती ने अपने दावों की पुष्टि के लिए पुलिस के सामने कुछ साक्ष्य भी प्रस्तुत किए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे।

कानूनी प्रक्रिया और मेडिकल परीक्षण

​युवती के पुलिस के पास पहुँचने के बाद, प्रशासन ने प्रोटोकॉल के तहत कानूनी कार्यवाही तेज कर दी है। पुलिस ने युवती का आधिकारिक बयान दर्ज किया और सुरक्षा के मद्देनजर उसका मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। चूंकि मामला अपहरण के आरोपों से जुड़ा था, इसलिए पुलिस हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है।

​”युवती ने अपनी मर्जी से जाने की बात कही है। हमने प्रारंभिक बयान दर्ज कर लिए हैं और सुरक्षा की दृष्टि से उसे वर्तमान में ‘वन स्टॉप सेंटर’ भेज दिया गया है।”

अजय ब्रह्म तिवारी, प्रभारी निरीक्षक, कालपी

अदालत के फैसले का इंतज़ार

​वर्तमान में युवती को प्रशासन की देखरेख में रखा गया है। पुलिस विभाग के अनुसार, सोमवार को युवती को स्थानीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। चूंकि युवती बालिग बताई जा रही है, इसलिए अदालत में होने वाले उसके बयान (धारा 164 के तहत) ही इस मामले की दिशा तय करेंगे।

​न्यायालय यह तय करेगा कि युवती को उसके परिजनों के सुपुर्द किया जाए या वह अपनी इच्छा के अनुसार कहीं और रहने के लिए स्वतंत्र है। फिलहाल, इस खुलासे के बाद क्षेत्र में अपहरण की चर्चाओं पर विराम लग गया है, लेकिन सामाजिक गलियारों में प्रेम प्रसंग और पारिवारिक मतभेदों को लेकर बहस जारी है।

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