जालौन में दिल दहला देने वाली वारदात: किसान ने खेत पर पेट्रोल डालकर खुद को लगाई आग, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम

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जालौन के मऊ खुर्द गांव में घटनास्थल की जांच करती सिरसकलार थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम, पास में खड़ी उत्तर प्रदेश पुलिस की गाड़ी और गमगीन ग्रामीण

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां सिरसकलार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में किसान ने आत्मघाती कदम उठाते हुए खुद को आग के हवाले कर दिया। पेट्रोल डालकर की गई इस आत्मदाह की कोशिश में किसान बुरी तरह झुलस गया। आनन-फानन में परिजन उसे उपचार के लिए जिला मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे, लेकिन घावों की गंभीरता के कारण रास्ते में ही उसने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और मृतक के परिवार में कोहराम का माहौल है।

खेत पर पहुंचकर उठाया खौफनाक कदम

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना सिरसकलार थाना क्षेत्र के ग्राम मऊ खुर्द की है। गांव के निवासी ओंकार सिंह (उम्र लगभग 58 वर्ष), पुत्र जगराम सिंह, रविवार को रोज की तरह अपने खेत पर गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती इनपुट के मुताबिक, खेत पर पहुंचने के बाद उन्होंने अचानक अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेल लिया और माचिस लगा ली। देखते ही देखते आग की लपटों ने उन्हें पूरी तरह से अपनी आगोश में ले लिया। आग की लपटों के बीच घिरा किसान दर्द से कराहते हुए खेत के किनारे तड़पने लगा।

चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण, मौके से मिली पेट्रोल की बोतल

​जब आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीणों ने अचानक खेत से उठता हुआ काला धुआं देखा और चीख-पुकार सुनी, तो वे अनहोनी की आशंका में तुरंत मौके की तरफ दौड़े। जब तक लोग घटनास्थल पर पहुंचे और आग को बुझाया, तब तक ओंकार सिंह अत्यधिक रूप से झुलस चुके थे। घटना की खबर बिजली की तरह पूरे गांव में फैल गई, जिसके बाद मृतक के रोते-बिलखते परिजन और भारी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल एम्बुलेंस और स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी।

​घटनास्थल का निरीक्षण करने पर पुलिस को मृतक के शव और जल चुके कपड़ों के पास से ही एक पेट्रोल की बोतल भी बरामद हुई है। इस बरामदगी के बाद से यह आशंका शत-प्रतिशत सच में बदल गई है कि किसान ने किसी भारी मानसिक तनाव या अज्ञात कारण के चलते स्वयं ही आत्मदाह जैसा आत्मघाती कदम उठाया था।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें

​परिजन ग्रामीणों की मदद से गंभीर रूप से झुलसे ओंकार सिंह को बेहद नाजुक हालत में इलाज के लिए उरई स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर रवाना हुए। झुलसे हुए किसान की स्थिति इतनी गंभीर थी कि उरई पहुंचने से पहले ही, रास्ते में ही उन्होंने अंतिम सांस ले ली। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें आधिकारिक रूप से मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को वापस लाया गया और पुलिस ने उसे अपने कब्जे में ले लिया।

फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, पुलिस जांच में जुटी

​घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय सिरसकलार थाना पुलिस के साथ-साथ जिले की उच्च स्तरीय फोरेंसिक और साइंटिफिक साक्ष्य संकलन टीम भी तुरंत मौके पर पहुंच गई। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की और वहां मौजूद भौतिक साक्ष्यों, मिट्टी के नमूने और पेट्रोल की बोतल को अपने कब्जे में लिया, ताकि इस बात की वैज्ञानिक पुष्टि हो सके कि घटना के समय क्या परिस्थितियां थीं। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।

आधिकारिक बयान: सीओ जालौन

​इस पूरे मामले पर आधिकारिक जानकारी देते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) जालौन, शैलेन्द्र बाजपेई ने बताया:

​”डायल 112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम मऊ खुर्द के रहने वाले ओंकार सिंह ने अपने ही खेत में पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली है। घटना के तुरंत बाद परिजन उन्हें अत्यंत गंभीर अवस्था में इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज उरई लेकर जा रहे थे, परंतु दुर्भाग्यवश रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस बल और फोरेंसिक टीम ने मौके पर जाकर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही आत्महत्या के कारणों का पता लगा लिया जाएगा और नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”

​फिलहाल किसान द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम के पीछे के असली कारणों (पारिवारिक कलह, कर्ज या कोई अन्य मानसिक तनाव) का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है ताकि वास्तविक वजह सामने आ सके।

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