उरई-कोंच मार्ग पर चलती कार बनी आग का गोला: राहगीरों ने शीशे तोड़कर बचाई चार लोगों की जान, बड़ा हादसा टला

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ सोमवार को उरई-कोंच मुख्य मार्ग पर मनोरी गांव के पास एक चलती कार में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कार पूरी तरह से लपटों से घिर गई। इस हादसे के दौरान कार के भीतर चार लोग सवार थे, जिनकी जान सीधे तौर पर दांव पर लग गई थी। हालांकि, मौके पर मौजूद राहगीरों की त्वरित सूझबूझ और अदम्य साहस के चलते समय रहते एक बड़ा और भयावह हादसा होने से टल गया। कार में फंसे सभी चारों यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
सफर के दौरान अचानक उठा धुआं, चीख-पुकार में बदली खुशियां
प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, कार में सवार चारों लोग उरई मुख्यालय से किसी कार्य को निपटाकर अपने पैतृक गांव की ओर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी कार उरई-कोंच मार्ग पर स्थित मनोरी गांव के समीप पहुँची, तभी अचानक कार के अगले हिस्से (बोनट) से तेज धुआं निकलने लगा। कार चालक जब तक कुछ समझ पाता और वाहन को किनारे रोकता, तब तक कार के भीतर गैस और धुआं भर गया और देखते ही देखते लपटें उठने लगीं।
अचानक खुद को आग की लपटों से घिरा देख कार के भीतर बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया। कार के लॉक जाम हो जाने के कारण वे अंदर ही फंस गए और अपनी जान बचाने के लिए जोर-जोर से चिल्लाने व मदद की गुहार लगाने लगे।
देवदूत बनकर आए राहगीर, शीशे तोड़कर सुरक्षित निकाला
जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय मार्ग से कई अन्य वाहन और राहगीर गुजर रहे थे। कार के भीतर से आती चीख-पुकार और उठती लपटों को देख राहगीरों ने बिना अपनी जान की परवाह किए तुरंत मोर्चा संभाला। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, राहगीरों ने बिना वक्त गंवाए सड़क किनारे से पत्थर और लोहे के औजार उठाए और कार के शीशों को पूरी ताकत से तोड़ दिया।
शीशा टूटते ही बेहद सावधानी और मुस्तैदी के साथ कार में फंसे चारों घबराए हुए यात्रियों को एक-एक कर बाहर खींचा गया। राहत की बात यह रही कि चारों यात्रियों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया। यात्रियों के बाहर आते ही महज कुछ ही सेकंड के भीतर आग ने पूरी कार को अपनी आगोश में ले लिया और कार धू-धू कर जलने लगी।
प्रत्यक्षदर्शी का बयान: “अगर राहगीर दो मिनट की भी देरी करते, तो कार पूरी तरह लॉक हो चुकी थी और अंदर बैठे लोगों का दम घुट जाता या वे जिंदा जल जाते। यह शुद्ध रूप से लोगों की सूझबूझ और इंसानियत की जीत है।”
दमकल विभाग की लेटलतीफी और यातायात बाधित
घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग को दी गई। सूचना प्राप्त होते ही कोंच फायर स्टेशन से दमकल की एक टीम भारी मशक्कत के बीच मौके पर पहुँची। दमकल कर्मियों ने तुरंत पानी की बौछारें शुरू कीं और काफी प्रयासों के बाद कार में लगी भीषण आग पर पूरी तरह काबू पाया। हालांकि, जब तक आग बुझाई जा सकी, तब तक कार का एक बहुत बड़ा हिस्सा और इंजन जलकर पूरी तरह से खाक हो चुका था।
इस वीभत्स अग्निकांड के कारण उरई-कोंच मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह से बाधित रहा। सड़क पर जलती कार को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी।
पुलिस प्रशासन मुस्तैद, जांच प्रक्रिया शुरू
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सबसे पहले भीड़ को नियंत्रित किया और क्रेन व स्थानीय संसाधनों की मदद से क्षतिग्रस्त कार को जलती हुई अवस्था से बुझने के बाद सड़क के किनारे कराया, जिसके बाद यातायात को दोबारा सुचारू रूप से बहाल किया जा सका।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच में दुर्घटना का कारण कार की वायरिंग में हुआ शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी नागरिक सुरक्षित हैं। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है कि कार में सीएनजी किट या अन्य कोई तकनीकी खामी तो नहीं थी।






