महोबा सामूहिक दुष्कर्म कांड: उरई में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन)। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक दलित छात्रा के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की वीभत्स घटना को लेकर पूरे प्रदेश में आक्रोश की लहर है। इसी क्रम में जालौन के उरई मुख्यालय पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सूबे की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में घटना की न्यायिक जांच कराने और दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कठोरतम सजा दिलाने की मांग की गई है।
कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल, जिला मुख्यालय पर गूंजे नारे
बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी जालौन के जिलाध्यक्ष अरविंद सेंगर और शहर कांग्रेस कमेटी उरई के अध्यक्ष राजकुमार वर्मा के संयुक्त नेतृत्व में भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पर एकत्रित हुए। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार की विफलता और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और बहू-बेटियां पूरी तरह से असुरक्षित महसूस कर रही हैं। कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात की और उन्हें राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
16 दिनों तक बंधक बनाकर दी गईं अमानवीय यातनाएं
सौपे गए ज्ञापन में महोबा की घटना का विस्तृत और दिल दहला देने वाला विवरण दिया गया है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि महोबा में नीट परीक्षा की तैयारी कर रही एक होनहार दलित छात्रा का कुछ असामाजिक तत्वों ने दिनदहाड़े अपहरण कर लिया था। आरोप है कि आरोपी छात्रा को जबरन प्रयागराज ले गए, जहां उसे 16 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया।
इस दौरान पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया। संवेदनहीनता और क्रूरता की हदें पार करते हुए आरोपियों ने पीड़िता को सिगरेट से जलाकर अमानवीय यातनाएं दीं और उस पर जबरन धर्म परिवर्तन या जबरन शादी करने का दबाव भी बनाया। कांग्रेस ने इस घटना को उत्तर प्रदेश के माथे पर एक बड़ा कलंक बताया है।
”दलित और महिलाएं निशाने पर” – कांग्रेस
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष अरविंद सेंगर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा:
”यह घटना प्रदेश की खोखली हो चुकी कानून व्यवस्था का जीता-जागता प्रमाण है। आज उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से दलित समाज और महिलाएं अपराधियों के निशाने पर हैं। सरकार ‘मिशन शक्ति’ और सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। एक छात्रा जो डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना चाहती थी, आज वह जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है।”
शहर अध्यक्ष राजकुमार वर्मा ने कहा कि सरकार की प्रशासनिक विफलता के कारण ही अपराधियों में पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया है। 16 दिनों तक एक बेटी गायब रहती है और पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है, यह बेहद शर्मनाक है।
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने की थी पीड़िता से मुलाकात
ज्ञापन में इस बात का भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय स्वयं महोबा पहुंचे थे। उन्होंने पीड़ित छात्रा और उसके न्याय के लिए संघर्ष कर रहे परिजनों से मुलाकात की थी। प्रदेश अध्यक्ष ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया था और इस लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक लड़ने का आश्वासन दिया था। इसी निर्देश के तहत पूरे प्रदेश में कांग्रेस कमेटी इस मुद्दे पर मुखर होकर न्याय की मांग कर रही है।
निष्पक्ष न्यायिक जांच और बड़े आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस पार्टी ने राज्यपाल से इस पूरे प्रकरण में हस्तक्षेप करने की मांग की है। ज्ञापन के माध्यम से निम्नलिखित मुख्य मांगें उठाई गई हैं:
- पूरे मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) कराई जाए।
- पीड़ित छात्रा और उसके परिवार को तत्काल प्रभाव से कड़ी सुरक्षा प्रदान की जाए।
- मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर दोषियों को फांसी की सजा सुनिश्चित की जाए।
अंत में, कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार ने इस संवेदनशील मामले में त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पार्टी पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतरकर एक व्यापक और उग्र आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।






