जालौन: पुलिस और आबकारी विभाग की नाक के नीचे चल रहा अवैध ‘शराब का खेल’, सुबह 5 बजे से ही सरेआम बिक्री

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जालौन में सब्जी मंडी के समीप खुलेआम बोरी में अवैध शराब बेचते हुए विक्रेता और आसपास की भीड़ का दृश्य।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

उरई/जालौन: जनपद जालौन के मुख्यालय क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए एक चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। जालौन कोतवाली क्षेत्र के व्यस्तम सब्जी मंडी इलाके में अवैध शराब का कारोबार इस कदर फल-फूल रहा है कि विक्रेता को न तो पुलिस का डर है और न ही आबकारी विभाग का खौफ। यहां निर्धारित समय से घंटों पहले ही शराब की बिक्री धड़ल्ले से जारी है, जो स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।

भोर होते ही शुरू हो जाता है शराब का अवैध बाजार

​नियमानुसार शराब की दुकानों के खुलने का एक निश्चित समय निर्धारित है, लेकिन जालौन सब्जी मंडी के पास के इस इलाके में नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यहां के शराब विक्रेता सुबह 5 बजे से ही अपनी दुकानों के बाहर बोरी में शराब भरकर ग्राहकों को बेचने लगते हैं। यह सिलसिला दिन चढ़ने के साथ और अधिक तेज हो जाता है। सुबह की शांत फिजाओं में शराब की यह अवैध बिक्री न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि क्षेत्र के आम नागरिकों के लिए भी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है।

पुलिस और आबकारी विभाग की मौन सहमति?

​सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस और आबकारी विभाग को इस अवैध कारोबार की जानकारी नहीं है? जिस सब्जी मंडी क्षेत्र में हर समय लोगों का आना-जाना लगा रहता है और जहां अक्सर पुलिस पिकेट मौजूद रहती है, वहां इस तरह का गैर-कानूनी कृत्य प्रशासनिक अनदेखी को दर्शाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शराब माफिया इतने बेखौफ हो चुके हैं कि उन्हें कानून का तनिक भी भय नहीं है। बोरी में शराब रखकर खुलेआम बेचना यह साबित करता है कि माफियाओं को या तो संरक्षण प्राप्त है या फिर संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह पल्ला झाड़ चुका है।

सब्जी मंडी का माहौल हो रहा है खराब

​सब्जी मंडी एक ऐसा स्थान है जहां सुबह से ही महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की भारी आवाजाही होती है। ऐसे में तड़के सुबह से ही शराब बिक्री के कारण इलाके का माहौल काफी दूषित हो रहा है। शराबियों का जमावड़ा लगने के कारण अक्सर यहां विवाद और छेड़खानी जैसी घटनाएं होने का डर बना रहता है। दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन से कई बार शिकायत के संकेत दिए गए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग

​स्थानीय प्रबुद्ध जनों और आम जनता ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि इन अवैध शराब विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र में अपराध का ग्राफ बढ़ना तय है। क्या जालौन प्रशासन इस ‘शराब माफिया’ के नेटवर्क को ध्वस्त करने की हिम्मत जुटा पाएगा? यह आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल यह स्थिति जालौन पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा धब्बा है।

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