जालौन: शिक्षक की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, पिता ने लगाया मानसिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप

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जालौन में शिक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद न्याय की मांग करते हुए पीड़ित पिता इंद्रपाल सिंह और पुलिस कार्यालय का दृश्य।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन : उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक बेहद दुखद और संवेदनशील मामला सामने आया है। जालौन कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिंगपुरा निवासी एक शिक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतक के पिता ने विद्यालय से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोगों पर अपने बेटे को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और उसे गंभीर धमकियां देने का आरोप लगाया है। पीड़ित पिता ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

​नियुक्ति के बाद से ही शुरू हुआ था सिलसिला

​पीड़ित पिता इंद्रपाल सिंह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उनके पुत्र की नियुक्ति अप्रैल 2024 में एक विद्यालय में शिक्षक के पद पर हुई थी। परिवार को उम्मीद थी कि बेटा समाज सेवा के साथ-साथ अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होगा। लेकिन, पिता का आरोप है कि कार्यभार ग्रहण करने के कुछ समय बाद से ही विद्यालय प्रबंधन से जुड़े कुछ लोग उनके बेटे को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। आए दिन मिलने वाली धमकियों और दबाव के कारण उनका बेटा लगातार भारी मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहा था।

​इलाज के दौरान कानपुर में तोड़ा दम

​घटनाक्रम के अनुसार, लगातार मिल रही प्रताड़ना से आहत होकर शिक्षक ने 17 जुलाई 2026 को विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे आनन-फानन में स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज, उरई रेफर कर दिया। वहां भी हालत में सुधार न होने पर उसे कानपुर के लिए रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान शिक्षक ने दम तोड़ दिया। इस असामयिक मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

​दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

​मृतक के पिता इंद्रपाल सिंह का कहना है कि उनके बेटे की मौत एक सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित मानसिक प्रताड़ना का परिणाम है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि मामले की गहनता से जांच की जाए और जो भी लोग इस प्रताड़ना के पीछे जिम्मेदार हैं, उन्हें कानून के दायरे में लाकर कड़ी सजा दिलाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से अन्य शिक्षकों का मनोबल भी गिरेगा।

​पुलिस ने शुरू की जांच

​इस मामले में पुलिस का रुख स्पष्ट है। शिकायत प्राप्त होने के बाद जालौन पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पिता द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। विद्यालय के अन्य कर्मचारियों और संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। पुलिस ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और दोषियों पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल, पूरे गांव में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और हर कोई न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है।

पीड़ित पिता इंद्रपाल सिंह का बयान: “मेरा बेटा बहुत ही मेहनती और होनहार था। उसे विद्यालय में लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इन धमकियों के कारण ही आज वह हमारे बीच नहीं है। हम प्रशासन से केवल यह मांग करते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो ताकि दोषियों को उनके किए की सजा मिल सके और हमें न्याय मिल सके।”

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