उरई नगर पालिका में भ्रष्टाचार की जांच करने पहुंचे IAS रिंकू सिंह राही, ईओ से तीखी झड़प; बोले- ‘मुझसे सेटिंग करने आए थे’

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जालौन के उरई नगर पालिका कार्यालय में औचक निरीक्षण के दौरान कड़े तेवर दिखाते हुए चर्चित आईएएस अधिकारी और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

उरई (जालौन) : उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक गलियारों में अपने बेबाक और आक्रामक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले चर्चित IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। बुधवार को वह भारी प्रशासनिक लवाज्म के साथ जालौन जिले की उरई नगर पालिका परिषद में अनियमिताओं और भ्रष्टाचार की जांच करने पहुंचे। इस दौरान जांच अधिकारी (ज्वाइंट मजिस्ट्रेट) रिंकू सिंह राही और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। स्थिति तब और गर्मा गई जब आईएएस अधिकारी ने ईओ से दोटूक शब्दों में यहां तक कह दिया कि “तुम मुझसे सेटिंग करने आए थे।” इस हाई-वोल्टेज ड्रामे का 8 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रदेश भर के प्रशासनिक हलकों में सनसनी फैला दी है।

​सभासदों की शिकायत पर शुरू हुई थी कार्रवाई

​यह पूरा मामला बीती 10 जून से तूल पकड़ना शुरू हुआ था। उरई नगर पालिका परिषद के 12 से अधिक सभासदों ने अधिशासी अधिकारी पर गंभीर भ्रष्टाचार और तानाशाही रवैये का आरोप लगाया था। सभासदों ने चेतावनी दी थी कि यदि मामलों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद 20 जून को सभासदों ने जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे को दोबारा शिकायती पत्र सौंपा, जिसमें नगर पालिका में हुई निविदाओं (Tenders), आउटसोर्सिंग एजेंसियों के चयन और विभिन्न भुगतानों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया।

​मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने इस प्रकरण की जांच का जिम्मा ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही को सौंप दिया। पूर्व में रिंकू सिंह राही जालौन में एसडीएम के पद पर तैनात थे, जिन्हें बाद में प्रशासनिक फेरबदल के तहत एसडीएम न्यायिक उरई के पद पर तैनात किया गया था।

​सोशल मीडिया पर वायरल पत्र और 29 जुलाई की डेडलाइन

​जांच की सुगबुगाहट तेज होने के बाद IAS रिंकू सिंह राही ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को पत्र लिखकर मामले से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण अभिलेख और दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी इन पत्रों को सार्वजनिक किया था। साथ ही यह चेतावनी भी दी थी कि यदि निर्धारित समय तक नगर पालिका प्रशासन द्वारा दस्तावेज नहीं दिए गए, तो वह खुद 29 जुलाई को नगर पालिका पहुंचकर दस्तावेजों का जब्तीकरण करेंगे।

​तय कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को जब रिंकू सिंह राही जांच के लिए पहुंचे, तो उनके आने से पहले ही नगर पालिका के कई कक्षों और दफ्तरों पर ताले लटके हुए मिले। स्थानीय लोगों ने भी इस बात पर हैरानी जताई कि जांच में सहयोग करने के बजाय कर्मचारी और अधिकारी दफ्तर बंद करके क्यों फरार हो गए।

​ईओ और आईएएस अधिकारी के बीच तीखी तकरार

​निरीक्षण के दौरान जब ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने जरूरी अभिलेख मांगे, तो ईओ ने तर्क दिया कि जांच से जुड़े दस्तावेज समिति के अध्यक्ष को सौंपे जा चुके हैं। इस पर आईएएस रिंकू सिंह राही ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि जिलाधिकारी का कोई अधिकृत पत्र या दस्तावेज उनके पास है, तो उसे तुरंत पेश किया जाए। अभिलेखों के आदान-प्रदान और जांच के दायरे को लेकर दोनों अधिकारियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई। इसी गहमागहमी के बीच रिंकू सिंह राही ने तल्ख लहजे में ईओ से कहा कि वह मामले को सुलझाने या स्पष्टीकरण देने नहीं, बल्कि ‘सेटिंग’ करने आए थे।

​बहस के बाद ईओ अभिलेख उपलब्ध कराने में असमर्थता जताते हुए मौके से निकल गए, जिसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने अपने सख्त तेवर जारी रखते हुए बिना किसी औपचारिकता के निजी व्यक्तियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में हर पटल की गहन जांच शुरू कर दी।

​करीब 3 घंटे चली मैराथन जांच, कई दफ्तर मिले बंद

​दोपहर करीब 2 बजे से शुरू हुई यह औसतन 3 घंटे तक लंबी जांच प्रक्रिया चली। इस दौरान प्रकाश विभाग, नजूल विभाग, निर्माण विभाग और सफाई निरीक्षण कक्ष के ताले बंद मिले। हालांकि, आईएएस रिंकू सिंह राही ने जन्म प्रमाण पत्र कक्ष, अकाउंट सेक्शन और कर-करेत्तर पटलों पर जाकर एक-एक दस्तावेज की बारीकी से जांच की और दस्तावेजों की स्कैनिंग कराई। साथ ही वहां मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ भी की गई।

​मीडिया से बातचीत करते हुए IAS रिंकू सिंह राही ने स्पष्ट किया कि वह आरटीआई (RTI) के तहत मांगे गए और जांच से जुड़े उन सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को संकलित करने आए हैं, जो अब तक प्रशासनिक स्तर पर उपलब्ध नहीं कराए गए थे। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी द्वारा सौंपी गई आधिकारिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए वह पूरी पारदर्शिता के साथ इस मामले की तह तक जाएंगे। फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल जांच और प्रशासनिक तकरार के बाद जालौन के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है।

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