तीन विभागों के विवाद में फंसी 7 किमी सड़क, 6 गांवों के 15 हजार लोग परेशान, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

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कोंच में जर्जर सड़क के निर्माण की मांग को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपते ग्रामीण

जिम्मेदारी तय नहीं, इसलिए सड़क भी नहीं बनी, हर बारिश में बढ़ जाती है ग्रामीणों की मुश्किल खराब सड़क से खेती, कारोबार और शिक्षा पर पड़ रहा असर, वर्षों से लगा रहे गुहार, फिर भी नहीं मिला समाधान, अब प्रशासन से आर-पार की मांग, सड़क को एक विभाग के अधीन करने की अपील

कोंच(जालौन) : जालौन जिले की कोंच तहसील क्षेत्र में वर्षों से जर्जर पड़ी एक सड़क अब हजारों ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। जुझारपुरा (बम्बा) से कुँड़ा नहर पुल तक करीब 7 किलोमीटर लंबी सड़क तीन विभागों के बीच जिम्मेदारी के विवाद में फंसकर विकास की राह देख रही है। सड़क निर्माण न होने से नाराज छह गांवों के सैकड़ों ग्रामीण मंगलवार को तहसील पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए एसडीएम अभिनव कुमार को ज्ञापन सौंपकर सड़क को किसी एक विभाग के अधीन कर तत्काल निर्माण एवं चौड़ीकरण कराने की मांग की।

तीन विभागों के बीच फंसी सड़क, वर्षों से नहीं हुआ समाधान

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का कुछ हिस्सा नहर विभाग, कुछ मंडी समिति परिषद और शेष भाग लोक निर्माण विभाग के अधीन आता है। तीन विभागों के बीच जिम्मेदारी तय न होने के कारण कोई भी विभाग सड़क के निर्माण या मरम्मत की जिम्मेदारी नहीं ले रहा है। नतीजा यह है कि वर्षों से सड़क बदहाल बनी हुई है और हजारों लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क की जिम्मेदारी किसी एक विभाग को सौंप दी जाए तो निर्माण कार्य में आ रही प्रशासनिक अड़चनें दूर हो सकती हैं और लोगों को राहत मिलेगी।

गड्ढों में तब्दील सड़क, हर दिन जोखिम भरा सफर

हिंगुटा से जुझारपुरा तक करीब साढ़े चार किलोमीटर सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

15 हजार ग्रामीणों की जीवनरेखा बनी यह सड़क

यह मार्ग हिंगुटा, कुँड़ा, चमरउवा, वरहल, खुटैला और मवासा सहित छह गांवों को कोंच नगर से जोड़ता है। प्रतिदिन करीब 15 हजार लोग इसी सड़क से आवागमन करते हैं। स्कूली छात्र-छात्राएं, मरीज, किसान, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग इसी मार्ग पर निर्भर हैं।

किसानों का कहना है कि खाद-बीज लाने और अपनी उपज कोंच मंडी तक पहुंचाने में काफी परेशानी होती है। वहीं खराब सड़क के कारण ई-रिक्शा, ऑटो और अन्य छोटे वाहन भी गांवों तक जाने से कतराते हैं, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

शिकायतें हुईं, लेकिन समाधान आज तक नहीं

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर कई बार ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कराई गईं और संबंधित अधिकारियों से भी गुहार लगाई गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए एसडीएम अभिनव कुमार को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि सड़क को किसी एक विभाग के अधीन कर जल्द निर्माण एवं चौड़ीकरण का कार्य शुरू कराया जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। अब लोगों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है कि आखिर वर्षों से उपेक्षित इस सड़क को कब नई पहचान और हजारों ग्रामीणों को राहत मिलेगी।

कोंच में जर्जर सड़क के निर्माण की मांग को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपते ग्रामीण
बाइट: ओंकार सिंह (समाजसेवी)
बाइट: सचिन कुमार (ग्रामीण)
बाइट: सचिन कुमार (ग्रामीण)

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