आस्था और उल्लास: कोंच में रमजान के पहले जुमे पर उमड़ा जनसैलाब, मस्जिदों में गूंजी अमन-चैन की दुआएं

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उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोंच नगर में रमजान के पहले जुमे पर मस्जिद में नमाज अदा करते नमाजी और सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस बल

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

कोंच (जालौन): इबादत, बरकत और मगफिरत के मुकद्दस महीने रमजान-उल-मुबारक का पहला जुमा आज जिले के कोंच नगर में पूरी अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। नगर की ऐतिहासिक और स्थानीय दर्जन भर से अधिक मस्जिदों व इबादतगाहों में हजारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एकत्र होकर जुमे की विशेष नमाज अदा की। चिलचिलाती धूप और गर्मी के बावजूद नमाज़ियों के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आई। खुदा की बारगाह में सिर झुकाते हुए नमाज़ियों ने न केवल अपने गुनाहों की तौबा की, बल्कि मुल्क में भाईचारे, आपसी सौहार्द और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगीं।

इमामों का आह्वान: इबादत में गुजारें कीमती वक्त

​नमाज से पूर्व मस्जिदों के इमामों ने अपने खुतबे (धार्मिक व्याख्यान) में रमजान की अहमियत पर विस्तार से प्रकाश डाला। जामा मस्जिद सहित अन्य इबादतगाहों के इमामों ने कहा कि यह महीना अल्लाह की रहमतों का खजाना है। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा, “इस माहे मुबारक का एक-एक लम्हा बेशकीमती है। हम सभी को इसकी कद्र करनी चाहिए। यह समय केवल भूखा-प्यासा रहने का नहीं, बल्कि बुराइयों को त्यागने, झूठ से बचने और इंसानियत की सेवा करने का है।” उलेमाओं ने युवाओं से अपील की कि वे अपना अधिकतम समय नमाज, कुरान की तिलावत और जिक्र-ए-इलाही में व्यतीत करें।

रमजान सब्र का महीना, नेकियों का मिलता है 70 गुना फल: हाफिज अताउल्ला खां

​तंजीम गुलामाने मुस्तफा सोसायटी के सदर हाफिज अताउल्ला खां गौरी ने रमजान की फजीलत बयान करते हुए एक विशेष संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि रमजान मूलतः आत्म-संयम और सब्र का महीना है, और इस्लाम में सब्र का प्रतिफल ‘जन्नत’ बताया गया है। उन्होंने हदीस का हवाला देते हुए बताया कि इस पवित्र महीने में एक नेकी करने का सबाब (पुण्य) 70 गुना तक बढ़ा दिया जाता है।

​हाफिज गौरी ने आगे कहा, “हुजूर अकरम सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम का फरमान है कि अल्लाह पाक फरमाता है—रोज़ा खास मेरे लिए है और इसका सिला (बदला) मैं स्वयं दूंगा।” उन्होंने बताया कि रोजा इंसान के लिए ढाल का काम करता है, जो उसे दोजख की आग और सांसारिक बुराइयों से बचाता है। उन्होंने दुआ की कि अल्लाह सभी को तराबीह, रोजा और जकात जैसी इबादतों को सही ढंग से मुकम्मल करने की तौफीक अता फरमाए।

प्रशासनिक सतर्कता: सुरक्षा और सफाई के चाक-चौबंद इंतजाम

​पवित्र माह के पहले जुमे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम ज्योति सिंह और क्षेत्राधिकारी (सीओ) परमेश्वर प्रसाद के कुशल निर्देशन में भारी पुलिस बल तैनात रहा। कोतवाल बृजेश बहादुर सिंह ने सभी उप-निरीक्षकों के साथ संवेदनशील इलाकों और मस्जिदों के आसपास निरंतर भ्रमण किया, जिससे सुरक्षा का माहौल बना रहा।

​वहीं, नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका परिषद कोंच द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। मस्जिदों के रास्तों और प्रवेश द्वारों पर व्यापक साफ-सफाई सुनिश्चित की गई और चूने का छिड़काव कराया गया। प्रशासन की इस मुस्तैदी की स्थानीय नागरिकों ने सराहना की है।

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