दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ सुलगा जालौन: कोंच में सपा-कांग्रेस और छात्रों का उग्र प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कोंच (जालौन): राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर हाल ही में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध अब उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी जोर पकड़ने लगा है। इसी कड़ी में जालौन जिले के कोंच नगर में छात्रों, समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस बात पर फूटा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई क्यों की गई। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई।
सरोजिनी नायडू पार्क से निकला आक्रोश मार्च
प्रदर्शन की शुरुआत कोंच नगर के ऐतिहासिक सरोजिनी नायडू पार्क से हुई। यहां बड़ी संख्या में छात्र, युवा और विपक्षी दलों के कार्यकर्ता एकत्र हुए। हाथों में तिरंगा झंडा थामे इन प्रदर्शनकारियों ने नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए एक विशाल जुलूस निकाला। “छात्र एकता जिंदाबाद” और “शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो” के नारों से पूरा नगर गूंज उठा।
यह जुलूस सरोजिनी नायडू पार्क से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए चंदकुआं चौराहे पर पहुंचा। चौराहे पर पहुंचकर यह प्रदर्शन एक विशाल सभा में तब्दील हो गया, जहां वक्ताओं ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उनका कहना था कि देश के भविष्य यानी छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें।
क्या बोले स्थानीय नेता और छात्र?
विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्व छात्रसंघ नेता रघुवीर कुशवाहा ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी।
बाइट (रघुवीर कुशवाहा, पूर्व छात्रसंघ नेता): “दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे देश के भविष्य—छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज किया गया है। यह लोकतंत्र की हत्या है। केंद्र सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और छात्रों पर अत्याचार करने वालों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक हमारा यह विरोध प्रदर्शन यूं ही जारी रहेगा।”
वहीं, प्रदर्शन में शामिल छात्र कुलदीप यादव ने भी सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया।
बाइट (कुलदीप यादव, छात्र): “हम सब छात्र अपने हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। सरकार हमारी आवाज को पुलिस के डंडे के जोर पर दबाना चाहती है। आज कोंच के युवाओं और छात्रों ने एकजुट होकर यह संदेश दे दिया है कि छात्रों पर अत्याचार अब और सहन नहीं किया जाएगा। हमारी मांग स्पष्ट है—शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना होगा।”
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
इस उग्र विरोध प्रदर्शन को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आई। जुलूस के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा, हालांकि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो इस आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।






