जालौन में गृहक्लेश की इंतेहा: पत्नी से विवाद के बाद युवक ने यमुना नदी में लगाई छलांग, तैरने की कला ने बचाई जान

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद में पारिवारिक कलह और गृहक्लेश के चलते एक दर्दनाक वाकया सामने आया है। जहां मामूली कहासुनी और पत्नी से विवाद से तंग आकर एक युवक ने मौत को गले लगाने के इरादे से यमुना नदी में छलांग लगा दी। हालांकि, गनीमत यह रही कि युवक को तैरना आता था, जिसके चलते उसने अपनी सूझबूझ और कौशल से खुद की जान बचा ली। इस घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और मौके पर दोनों जनपदों की पुलिस बल पहुंच गई।
शेरगढ़ पुल के पास हुआ सीमावर्ती विवाद
यह पूरी घटना जालौन जनपद के कुंठाौंद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध शेरगढ़ पुल की है। यह स्थान उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख जनपदों—जालौन और औरैया की सीमा को आपस में जोड़ता है। पुलिस सूत्रों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक का किसी बात को लेकर अपनी पत्नी के साथ गंभीर विवाद हो गया था। घरेलू कलह से मानसिक रूप से परेशान होकर युवक ने अतिवादी कदम उठाते हुए यमुना नदी के इस पुल से नीचे पानी में छलांग लगा दी।
दोनों जनपदों की पुलिस मौके पर पहुंची
घटना की भनक लगते ही स्थानीय राहगीरों और आसपास के लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। चूंकि मामला दो जनपदों (जालौन और औरैया) की सीमा का था, इसलिए सूचना मिलते ही कुंठाौंद थाना (जालौन) और औरैया जनपद की पुलिस मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस के पहुंचते ही राहत और बचाव कार्य के लिए स्थिति का जायजा लिया जाने लगा, ताकि यदि जरूरत पड़े तो गोताखोरों की मदद ली जा सके।
तैरने की कला ने टला बड़ा हादसा
आत्महत्या के इरादे से नदी में कूदे युवक के लिए उसकी तैरने की कला वरदान साबित हुई। पानी के तेज बहाव और गहराई के बीच जब युवक ने छलांग लगाई, तो उसने घबराने के बजाय अपनी तैराकी के कौशल का परिचय दिया। नदी के ठंडे और गहरे पानी में संघर्ष करते हुए वह तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहा। युवक के खुद ही तैरकर बाहर आ जाने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
सुरक्षित बाहर निकलने के बाद पुलिस ने युवक को अपनी हिरासत में लेकर प्राथमिक पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पारिवारिक तनाव और गृहक्लेश के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है। साथ ही, काउंसलिंग के माध्यम से युवक को समझाने-बुझाकर उसके परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया की जा रही है, ताकि इस प्रकार के दुर्भाग्यपूर्ण कदमों से बचा जा सके।






