जालौन: ‘भाभी’ कहना पड़ा भारी, छेड़खानी की झूठी FIR से आहत ITI छात्र ने यमुना में कूदकर दी जान; सुसाइड नोट के रूप में जारी किया मार्मिक वीडियो

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कालपी (जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक 21 वर्षीय होनहार आईटीआई (ITI) छात्र ने व्यवस्था और सामाजिक कलंक से हार मानकर मौत को गले लगा लिया। कदौरा थाना क्षेत्र के सिद्धार्थनगर मोहल्ले का निवासी लोकेंद्र अहिरवार पिछले दो दिनों से लापता था, जिसका शव रविवार सुबह घर से करीब 40 किलोमीटर दूर कालपी में यमुना नदी में उतराता हुआ मिला। मौत से पहले छात्र ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था, जिसमें उसने अपनी बेगुनाही की गुहार लगाते हुए एक पड़ोसी महिला पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
विवाद की जड़: सम्मान का संबोधन बना काल

मामले की शुरुआत गुरुवार को हुई जब लोकेंद्र का पड़ोस में रहने वाली लक्ष्मी नामक महिला से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। परिजनों और लोकेंद्र के वीडियो के अनुसार, उसने महिला को महज “भाभी” कहकर संबोधित किया था, जिसे महिला ने अपमानजनक माना। आरोप है कि महिला ने न केवल छात्र को सरेआम थप्पड़ मारे, बल्कि उसके खिलाफ थाने में छेड़खानी की तहरीर भी दे दी।
पुलिस की एकतरफा कार्रवाई और छात्र का मानसिक तनाव
लोकेंद्र के पिता मुकुंदी लाल का आरोप है कि पुलिस ने मामले की गहराई से जांच करने के बजाय एकतरफा कार्रवाई की। पुलिस ने लोकेंद्र के विरुद्ध शांतिभंग की धाराओं में चालान कर दिया। हालांकि, परिजनों ने तहसील कोर्ट से उसकी जमानत करा ली थी, लेकिन लोकेंद्र इस कानूनी प्रक्रिया और समाज में लगने वाले ‘छेड़खानी’ के कलंक से अंदर तक टूट चुका था। उसे डर था कि यदि झूठे मुकदमे में उसे जेल हुई, तो उसका भविष्य और करियर पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।
भावुक कर देने वाला ‘आखिरी वीडियो’
नदी में छलांग लगाने से पहले लोकेंद्र ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में रोते हुए लोकेंद्र कह रहा है, “मैं 21 साल का हूं। अगर मैं 10 साल जेल में बिता दूंगा तो जिंदगी में बचेगा क्या? डीएम साहब से अनुरोध है कि मामले का संज्ञान लें। लक्ष्मी ने मुझे झूठे केस में फंसाया। मैंने सिर्फ भाभी कहा था और उसने मुझे थप्पड़ मारे। जो गुनहगार हैं, उन्हें सजा मिले ताकि मेरे जैसा कदम कोई दूसरा न उठाए।”
लोकेंद्र ने वीडियो में यह भी स्पष्ट किया कि उस पर कोई आर्थिक कर्ज नहीं है, सिवाय एक दोस्त के 35 रुपये के। उसने प्रशासन से अपील की कि घटनास्थल के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जाए ताकि उसकी बेगुनाही साबित हो सके।
प्रशासनिक हरकत और शव की बरामदगी
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) डॉ. ईशान सोनी ने शनिवार रात खुद कदौरा थाने पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और छात्र की तलाश के लिए तीन टीमें गठित कीं। हालांकि, रविवार सुबह कालपी थाना क्षेत्र में एक राहगीर ने यमुना पुल के पास एक शव उतराता देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकाला, जिसकी पहचान लोकेंद्र के रूप में हुई।
पुलिस और परिजनों का पक्ष
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अजय ब्रह्म तिवारी ने बताया कि शव करीब दो दिन पुराना है, जिससे प्रतीत होता है कि वीडियो बनाने के तुरंत बाद ही छात्र ने आत्मघाती कदम उठा लिया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, मृतक के परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन की चेतावनी दी है। गांव में इस घटना के बाद से भारी तनाव और शोक का माहौल व्याप्त है।
इस घटना ने एक बार फिर कानूनी प्रक्रियाओं के दुरुपयोग और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सामाजिक दबाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोकेंद्र की मौत ने एक गरीब परिवार का चिराग बुझा दिया है, जो पढ़-लिखकर अपना भविष्य संवारना चाहता था






