जनपद में एलपीजी गैस का संकट मात्र अफवाह, जिलाधिकारी ने कहा— ‘पर्याप्त है स्टॉक, कालाबाजारी करने वालों पर होगी जेल की कार्रवाई

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उरई के विकास भवन में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक गैस एजेंसियों और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए

UPSAMVAD NEWS DESK

उरई (जालौन): जनपद में पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस की कमी को लेकर फैल रही भ्रामक चर्चाओं और आशंकाओं पर विराम लगाते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है। विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने आपूर्ति व्यवस्था की सघन समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों व गैस एजेंसी संचालकों को कड़े निर्देश जारी किए।

आंकड़ों में गैस की उपलब्धता: घबराने की आवश्यकता नहीं

​बैठक के दौरान जिला पूर्ति अधिकारी राजीव शुक्ला ने जनपद में गैस की वर्तमान स्थिति का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जनपद जालौन में कुल 35 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनके माध्यम से 3,52,748 घरेलू उपभोक्ता और 740 व्यावसायिक उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं।

​वर्तमान में जनपद के गोदामों में 9,603 घरेलू एलपीजी रिफिल और 611 कमर्शियल सिलेंडर का बफर स्टॉक मौजूद है। इसके अतिरिक्त, तेल कंपनियों के विक्रय अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि पाइपलाइन और ट्रांसपोर्ट के माध्यम से आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और आने वाले दिनों के लिए भी पर्याप्त स्टॉक आरक्षित है।

कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रशासन की टेढ़ी नजर

​जिलाधिकारी ने कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी एजेंसी संचालक या बिचौलिया गैस की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या डायवर्जन (घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग) में संलिप्त पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों (SDM) और क्षेत्राधिकारियों (CO) को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गैस एजेंसियों के कार्यालयों और गोदामों का औचक निरीक्षण करें। प्रतिदिन की आमद, वितरण और अवशेष स्टॉक का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए नई एडवाइजरी

​प्रशासन ने गैस एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल ‘होम डिलीवरी’ मॉडल पर ध्यान केंद्रित करें ताकि उपभोक्ताओं को एजेंसियों के चक्कर न लगाने पड़ें।

  • सूचना का प्रदर्शन: प्रत्येक गैस एजेंसी पर स्टॉक की स्थिति, रेट लिस्ट और आपातकालीन नंबरों वाले पंपलेट चस्पा करना अनिवार्य होगा।
  • सुचारु बुकिंग: ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग प्रणाली को बिना किसी बाधा के संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • समयबद्ध आपूर्ति: बुकिंग के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर सिलेंडर उपभोक्ता के घर पहुंचना चाहिए।

सुरक्षा और कानून व्यवस्था: एसपी के सख्त निर्देश

​पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने सुरक्षा के पहलुओं पर जोर देते हुए कहा कि सभी गैस गोदामों और पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अराजक तत्वों द्वारा आपूर्ति में बाधा डालने की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए। व्यापारियों और उद्यमियों ने भी बैठक में स्वीकार किया कि वर्तमान में सिलेंडर प्राप्त करने में कोई कठिनाई नहीं हो रही है।

प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें

​अंत में, जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही गैस किल्लत की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। जनपद में आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और तेल कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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