जालौन: कोंच के कोल्ड स्टोरेज में भीषण अमोनिया गैस रिसाव, एक मजदूर गंभीर रूप से झुलसा; प्रशासनिक जांच में सुरक्षा मानकों की खुली पोल

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जालौन के कोंच में अंडा गांव के पास स्थित कोल्ड स्टोरेज का बाहरी दृश्य, जहाँ अमोनिया गैस रिसाव के बाद जांच करने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल की गाड़ियां खड़ी हैं।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन (कोंच)। उत्तर प्रदेश के जालौन जिला अंतर्गत कोंच कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के अंडा गांव के समीप संचालित एक निजी कोल्ड स्टोरेज में अचानक अमोनिया गैस का भीषण रिसाव (Ammonia Gas Leak) हो गया। गैस लीक होते ही परिसर के भीतर और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और दमघोंटू हवा के कारण लोग जान बचाकर भागने लगे। इस हादसे के दौरान वहां काम कर रहा एक मजदूर गैस की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया।

​घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद साथी मजदूरों ने सूझबूझ दिखाई और घायल मजदूर को आनन-फानन में कोल्ड स्टोरेज परिसर से बाहर निकाला। उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उसका गहन उपचार (Treatment) जारी है।

प्रशासनिक अमले में मचा हड़कंप, मौके पर पहुंचे आला अधिकारी

​कोल्ड स्टोरेज में गैस रिसाव और मजदूर के झुलसने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उपजिलाधिकारी (SDM) हेमंत पटेल, पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) परमेश्वर प्रसाद और नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार भारी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे।

​अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और रिसाव को नियंत्रित करने के उपायों की समीक्षा की। इसके साथ ही प्रशासन ने झुलसे हुए मजदूर के स्वास्थ्य की जानकारी ली और अस्पताल प्रबंधन को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

“अमोनिया गैस का रिसाव एक गंभीर चूक है। इस घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”

प्रशासनिक टीम, जांच के दौरान

जांच में खुली पोल: बिना जरूरी एनओसी और सुरक्षा मानकों के चल रहा था प्रतिष्ठान!

​प्रशासनिक जांच के दौरान जब अधिकारियों ने कोल्ड स्टोरेज के दस्तावेजों और सुरक्षा व्यवस्थाओं को खंगाला, तो कई चौंकाने वाली कमियां सामने आईं। स्थानीय स्तर पर और प्रत्यक्षदर्शियों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि इस व्यावसायिक प्रतिष्ठान के पास न तो अग्नि सुरक्षा और औद्योगिक गैस संचालन से संबंधित जरूरी अनुमतियां (NOC) थीं और न ही आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) का पालन किया गया था।

​प्राथमिक जांच में यह बात भी उभरकर आई है कि गैस पाइपलाइनों के रखरखाव (Maintenance) में घोर लापरवाही बरती जा रही थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, इस पर एसडीएम हेमंत पटेल का कहना है कि आधिकारिक तकनीकी टीम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही दस्तावेजों की वैधता और कमियों पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।

औद्योगिक प्रतिष्ठानों की निगरानी पर उठे गंभीर सवाल

​इस हादसे ने एक बार फिर जालौन जिले और विशेषकर कोंच क्षेत्र में संचालित औद्योगिक इकाइयों व कोल्ड स्टोरेज में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि श्रम विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जैसी जिम्मेदार एजेंसियां नियमित रूप से इन प्रतिष्ठानों की चेकिंग नहीं करती हैं, जिसके कारण मालिक नियमों को ताक पर रखकर फैक्ट्रियां और स्टोरेज चलाते हैं।

​फिलहाल, प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र के लोगों को शांत कराया है और आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके।

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