जालौन में बड़ा हादसा: कोंच के कोल्ड स्टोर में गैस रिसाव से मजदूर गंभीर रूप से झुलसा, मानकों को ताक पर रखकर संचालन का आरोप

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक बेहद दर्दनाक और संसकारी कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ कोंच कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोंच-एट मुख्य मार्ग पर स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में अचानक हुए गैस रिसाव (Ammonia Gas Leak) की चपेट में आने से एक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पीड़ित मजदूर को उसके साथी कर्मियों द्वारा नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और उद्योग विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
काम के दौरान अचानक हुआ रिसाव, मची अफरा-तफरी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मैनपुरी जिले का निवासी मजदूर अनूप कुमार जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत अंडा गांव के पास स्थित एक कोल्ड स्टोर में काम कर रहा था। रोजाना की तरह जब सभी मजदूर अपने-अपने कार्यों में व्यस्त थे, तभी अचानक कोल्ड स्टोर के प्लांट से तीखी और दमघोंटू गैस का रिसाव शुरू हो गया। जब तक मजदूर अनूप वहाँ से बाहर निकल पाता, तब तक वह गैस की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया। गैस की तीव्रता इतनी अधिक थी कि अनूप की चीख-पुकार सुनकर दौड़े अन्य साथी मजदूरों ने भारी मशक्कत के बाद उसे प्लांट से बाहर निकाला।
निजी अस्पताल में चल रहा है उपचार
हादसे के तुरंत बाद, कोल्ड स्टोर प्रबंधन द्वारा एम्बुलेंस या पुलिस को सूचना देने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया गया। हालांकि, मजदूर की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसके साथी मजदूरों ने उसे तत्काल कोंच के एक निजी चिकित्सालय में उपचार के लिए दाखिल कराया। डॉक्टरों के मुताबिक, गैस के सीधे संपर्क में आने के कारण मजदूर का शरीर काफी हद तक झुलस चुका है और जहरीली गैस के फेफड़ों में जाने के कारण उसे सांस लेने में भी अत्यधिक कठिनाई हो रही है। फिलहाल पीड़ित का इलाज जारी है, लेकिन स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है।
नियमों और मानकों की धज्जियां उड़ाकर चल रहा कोल्ड स्टोर
स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि अंडा गांव के समीप संचालित यह कोल्ड स्टोर पूरी तरह से नियमों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करके चलाया जा रहा है। नियमानुसार, किसी भी कोल्ड स्टोरेज में गैस रिसाव का पता लगाने वाले ऑटोमैटिक सेंसर, पर्याप्त वेंटिलेशन सिस्टम और मजदूरों के लिए पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) जैसे सुरक्षात्मक गियर अनिवार्य रूप से होने चाहिए। लेकिन इस प्लांट में सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। नियमों को ताक पर रखकर और बिना किसी तकनीकी एनओसी (NOC) के इस खतरनाक प्लांट का संचालन किया जा रहा था, जो अंततः इस बड़े हादसे का कारण बना।
प्रशासनिक जांच और कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों और पीड़ित के परिजनों में भारी आक्रोश है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि रिहायशी और कृषि योग्य भूमि के समीप इस तरह के असुरक्षित कोल्ड स्टोर का संचालन क्षेत्र के अन्य लोगों के जीवन के लिए भी एक बड़ा खतरा बना हुआ है। यदि समय रहते इस पर कड़ा संज्ञान नहीं लिया गया, तो भविष्य में भोपाल गैस त्रासदी जैसा कोई बड़ा रिसाव भी हो सकता है।
फिलहाल, इस पूरे मामले में स्थानीय कोतवाली पुलिस और जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों से शिकायत की जा रही है। मांग की जा रही है कि दोषी कोल्ड स्टोर मालिक के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, प्लांट को तत्काल सील किया जाए और पीड़ित मजदूर को उचित मुआवजा व बेहतर इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाए।






