जालौन: कालपी के शेखपुर बुल्दा में बिजली कटौती पर भड़के ग्रामीण, तहसील में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन; विभाग ने बताया- बकाएदारों पर हुई कार्रवाई

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन जिले के कालपी तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम शेखपुर बुल्दा मदारपुर में पिछले कई दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित होने के चलते ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। भीषण गर्मी के इस मौसम में विद्युत संकट से जूझ रहे आक्रोशित ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में तहसील मुख्यालय पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को संबोधित एक शिकायती पत्र प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपकर गांव की बिजली आपूर्ति तत्काल प्रभाव से बहाल किए जाने की पुरजोर मांग की है।
भीषण गर्मी में बिजली गुल होने से उपजा जन-आक्रोश
प्राप्त विवरण के अनुसार, मंगलवार (26 मई) को ग्राम शेखपुर बुल्दा मदारपुर के दर्जनों ग्रामीण, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, कालपी तहसील परिसर पहुंचे। ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि गांव की बिजली मनमाने ढंग से काट दी गई है, जिससे इस चिलचिलाती धूप और उमस भरे मौसम में उनका जीना मुहाल हो गया है।
शिकायती पत्र सौंपने के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि विद्युत आपूर्ति ठप होने से बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस विरोध प्रदर्शन और शिकायती पत्र सौंपने वालों में मुख्य रूप से रिंकल, बाबू, दयाशंकर, प्रदीप कुमार, वीरेंद्र, उदयप्रकाश पुजारी, सुंदरलाल, रमाकांत, कैलाश समेत भारी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय महिलाएं मौजूद रहीं।
विद्युत विभाग की दोटूक: ‘9 कनेक्शन और अधिकांश बकाएदार, बिना वैध कनेक्शन वालों पर गिरी गाज’
इस पूरे मामले पर जब विद्युत विभाग का पक्ष जाना गया, तो कहानी का एक दूसरा पहलू सामने आया। विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) सत्यप्रकाश ने मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट की। जेई सत्यप्रकाश ने बताया कि विभाग द्वारा यह कार्रवाई किसी दुर्भावना के तहत नहीं, बल्कि नियमानुसार की गई है।
”गांव में कुल मिलाकर मात्र 9 वैध विद्युत कनेक्शन हैं, और विडंबना यह है कि इनमें से भी अधिकांश उपभोक्ताओं पर लंबे समय से बिजली का भारी बिल बकाया है। इसके अलावा, गांव के शेष भवन स्वामियों को विभाग द्वारा कई बार नोटिस देकर और मौखिक रूप से वैध बिजली कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया गया था, लेकिन उनके द्वारा लगातार इसकी अनदेखी की गई। ऐसे में अवैध रूप से विद्युत का उपयोग करने वालों और बकाएदारों के खिलाफ नियमानुसार कनेक्शन काटने की सख्त कार्रवाई अमल में लाई गई है।”
— सत्यप्रकाश, जूनियर इंजीनियर (विद्युत विभाग)
पेयजल संकट के दावों की खुली पोल, सोलर टंकी और हैंडपंप सुचारू
शुरुआती दौर में इस मामले को तूल देने के लिए कुछ लोगों द्वारा गांव में पानी का गंभीर संकट होने की बात फैलाई गई थी। सूत्रों और प्रशासनिक जांच से मिली जानकारी के अनुसार, गांव में पेयजल संकट जैसी कोई भी विपरीत स्थिति मौजूद नहीं है।
वास्तविकता यह है कि गांव में स्थापित सोलर ऊर्जा से संचालित पानी की टंकी और सरकारी हैंडपंप पूरी तरह से चालू स्थिति में हैं और ग्रामीणों को पानी की कोई किल्लत नहीं है। बताया जा रहा है कि कुछ असामाजिक तत्वों या ग्रामीणों द्वारा मामले को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा रूप देने और अधिकारियों पर जल्द दबाव बनाने के उद्देश्य से पेयजल संकट का झूठा हवाला दिया गया था।
तहसीलदार ने दिया निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई का आश्वासन
तहसील परिसर में ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए तहसीलदार अभिनव तिवारी ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से मुलाकात की। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना और उनका शिकायती पत्र प्राप्त किया।
तहसीलदार अभिनव तिवारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्षता से जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां ग्रामीणों की जायज समस्याओं का समाधान किया जाएगा, वहीं दूसरी तरफ विद्युत विभाग के नियमों के तहत बकाए और वैध कनेक्शन की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी ताकि जल्द से जल्द कोई बीच का रास्ता निकालकर समस्या का उचित और वैधानिक निस्तारण किया जा सके। इस आश्वासन के बाद ही ग्रामीण शांत होकर वापस लौटे।






