​जालौन: मंदिर के कुएं में गिरकर नौवीं की छात्रा की दर्दनाक मौत, हादसे के बाद गांव में पसरा मातम

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जालौन के कुठौंदा गांव में कुएं के पास एकत्रित ग्रामीण और पुलिस, जहां छात्रा प्राची की गिरकर मृत्यु हो गई।

उरई (जालौन): जनपद के कुठौंदा गांव में बुधवार की सुबह एक हृदयविदारक हादसा सामने आया, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। गांव के मंदिर के पास स्थित एक खुले कुएं में गिरने से 14 वर्षीय किशोरी की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब किशोरी पानी भरने गई थी। इस हादसे ने एक बार फिर खुले कुओं और उनकी सुरक्षा को लेकर प्रशासन व ग्राम पंचायत की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कैसे हुआ हादसा?

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुठौंदा निवासी अवधेश की पुत्री प्राची उर्फ प्रिंसी, जो कि कक्षा 9 की मेधावी छात्रा थी, बुधवार सुबह रोज की तरह गांव के प्राचीन मंदिर के समीप स्थित कुएं पर पानी लेने गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक, पानी भरते समय अचानक प्राची का पैर फिसल गया और वह अपना संतुलन खो बैठी। कुआं गहरा होने के कारण वह सीधे नीचे जा गिरी।

​कुएं से गिरने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े और उसे बचाने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी दल-बल के साथ पहुँच गई। ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद किशोरी को कुएं से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और प्राची की सांसें थम चुकी थीं।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

​प्राची के परिवार में उसकी माँ प्रियंका और बड़ा भाई ऋषि हैं। उसके पिता अवधेश परिवार के भरण-पोषण के लिए नासिक में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। हादसे की सूचना पाकर घर में कोहराम मच गया। माँ और भाई का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता को नासिक में सूचना दे दी गई है, जिनके घर पहुँचते ही गांव का माहौल और भी गमगीन हो गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

​ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि मंदिर जैसे सार्वजनिक स्थान पर स्थित यह कुआं लंबे समय से खुला हुआ था। कुएं के चारों ओर न तो कोई मुंडेर (सुरक्षा दीवार) थी और न ही कोई सुरक्षा घेरा बनाया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत और स्थानीय प्रशासन को कई बार खुले कुओं के खतरों के बारे में अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यदि समय रहते इस पर जाली या सुरक्षा दीवार बनाई गई होती, तो आज एक मासूम की जान न जाती।

​पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह एक दुर्घटना है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट: मुहम्मद साजिद, जालौन |UP SAMVAD
Source: Local Sources

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