जालौन में दर्दनाक हादसा: उरई के कैथेरी गांव में छत से गिरकर मजदूर की मौत, परिवार में मचा कोहराम, आर्थिक संकट गहराया

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जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के कैथेरी गांव में हादसे के बाद विलाप करते परिजन और पुलिसिया कार्रवाई के बीच जुटे ग्रामीण।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन (उत्तर प्रदेश)। जनपद के उरई कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कैथेरी में बीती रात एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक हादसा सामने आया है। यहाँ अपने घर की छत पर सो रहे एक 40 वर्षीय मजदूर की संतुलन बिगड़ने और छत से नीचे गिर जाने के कारण असमय मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद से मृतक के परिवार में चीख-पुकार मची हुई है, वहीं पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और मातम का माहौल है। सूचना मिलने पर सक्रिय हुई स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

देर रात बाथरूम जाने के दौरान हुआ हादसा

​प्राप्त विवरण के अनुसार, कैथेरी गांव के निवासी 40 वर्षीय अवधेश कुमार रोज की तरह रात का खाना खाकर अपने घर की छत पर सोने के लिए गए थे। जून की भीषण गर्मी के चलते ग्रामीण इलाकों में अक्सर लोग छतों पर सोते हैं। परिजनों के मुताबिक, देर रात लगभग किसी समय अवधेश कुमार बाथरूम जाने के लिए नींद में ही छत से नीचे उतरने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान अचानक सीढ़ियों या छत के किनारे से उनका पैर फिसल गया।

​अंधेरा होने और संतुलन पूरी तरह खो जाने के कारण अवधेश सीधे कंक्रीट के फर्श पर जा गिरे। ऊंचाई से सिर के बल गिरने के कारण उन्हें अत्यंत गंभीर और अंदरूनी चोटें आईं। जमीन पर गिरने की भारी आवाज और चीख सुनकर नीचे सो रहे परिजन तुरंत मौके पर दौड़े।

इलाज मिलने से पहले ही तोड़ा दम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

​हादसे के तुरंत बाद लहूलुहान हालत में अवधेश को देखकर परिजनों के होश उड़ गए। उन्होंने आनन-फानन में ग्रामीणों की मदद से घायल अवधेश को नजदीकी अस्पताल ले जाने की तैयारी की और तत्काल उपचार दिलाने का प्रयास किया। परंतु, सिर पर लगी चोट इतनी घातक थी कि अस्पताल पहुंचने या डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार शुरू किए जाने से पहले ही अवधेश कुमार ने दम तोड़ दिया।

​अवधेश की मृत्यु की पुष्टि होते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मृतक की पत्नी, बच्चों और अन्य सगे-संबंधियों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हैं, लेकिन इस अप्रत्याशित क्षति से हर कोई स्तब्ध है।

मजदूरी से चलता था घर, अब खड़ा हुआ बड़ा आर्थिक संकट

​स्थानीय ग्रामीणों ने अत्यंत दुखी मन से बताया कि मृतक अवधेश कुमार बेहद सीधे और मेहनती स्वभाव के इंसान थे। वह दिन-रात कड़ी मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। वह अपने घर के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे, जिनके कंधों पर पूरे परिवार की आजीविका टिकी हुई थी।

​उनकी इस असामयिक और दर्दनाक मौत ने न सिर्फ परिवार से उनका मुखिया छीना है, बल्कि उनके पीछे बचे आश्रितों के सामने भूखों मरने और गहरे आर्थिक संकट की स्थिति पैदा कर दी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच जारी

​घटना की सूचना मिलने के बाद उरई कोतवाली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और मृतक के परिजनों व ग्रामीणों से पूछताछ की। इसके बाद आवश्यक कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।

मृतक के भतीजे नवीन कुमार ने बताया: “चाचा रात को छत पर सो रहे थे। देर रात वह जब नीचे उतरने लगे, तो अचानक पैर फिसलने से संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर पड़े। चोट इतनी गंभीर थी कि हम लोग उन्हें संभाल भी नहीं पाए और उनकी जान चली गई। हमारा पूरा परिवार इस हादसे से तबाह हो गया है।”

​उरई कोतवाली पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला पैर फिसलने से ऊंचाई से गिरकर हुई मौत का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की विस्तृत जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।

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