जालौन में अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर कसता शिकंजा: तीन बार पकड़े जाने पर वाहन होंगे स्क्रैप, ड्रोन से होगी पट्टा क्षेत्रों की निगरानी

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जालौन पुलिस लाइन सभागार में अवैध खनन और कानून व्यवस्था को लेकर जिला टास्क फोर्स समिति की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, साथ में मौजूद अन्य प्रशासनिक अधिकारी।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अब जालौन जनपद में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बिना रॉयल्टी के हो रहे परिवहन के खिलाफ प्रशासन बेहद आक्रामक रुख अपनाने जा रहा है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से साफ कर दिया है कि जनपद की सीमाओं के भीतर किसी भी प्रकार का अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई भी वाहन स्वामी या माफिया नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ ऐसी कठोरतम कार्रवाई की जाएगी जो नजीर बनेगी।

​यह कड़ा संदेश पुलिस लाइन सभागार में आयोजित कानून व्यवस्था एवं जनपद स्तरीय टास्क फोर्स समिति की उच्चस्तरीय बैठक के दौरान दिया गया। बैठक में जिले के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

ड्रोन कैमरों से होगी पैनी नजर, स्रोत पर ही थमेगा अवैध परिवहन

​बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया। उन्होंने खनिज पट्टा क्षेत्रों में होने वाले संभावित अवैध खनन को रोकने के लिए एक बड़ा फैसला सुनाया। डीएम ने कहा:

​”अब जनपद के सभी वैध और संवेदनशील खनन पट्टा क्षेत्रों की निगरानी आधुनिक ड्रोन कैमरों के माध्यम से की जाएगी। इससे न केवल अवैध गतिविधियों पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जा सकेगी, बल्कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ मौके पर ही त्वरित और प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होगी।”

​इसके साथ ही उन्होंने तहसील स्तरीय टास्क फोर्स समितियों को पूरी तरह सक्रिय होने का आदेश दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग के परिवहन को उसके ‘सोर्स पॉइंट’ यानी जहां से खनन किया जा रहा है, वहीं पर रोक दिया जाए ताकि सड़कों पर अवैध वाहनों का संचलन ही न हो सके।

तीन बार उल्लंघन पर वाहन होंगे सीज और स्क्रैप, पट्टा भी होगा निरस्त

​परिवहन और माइनिंग माफियाओं के हौसले पस्त करने के लिए प्रशासन ने अब तक की सबसे सख्त कार्ययोजना तैयार की है। बैठक में ओवरलोडिंग, बिना रॉयल्टी और एनआर (Non-Registered) वाहनों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाने की रूपरेखा तैयार की गई।

​प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई वाहन तीन बार अवैध खनन, बिना रॉयल्टी परिवहन या ओवरलोडिंग की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसे तत्काल ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। इसके बाद उस वाहन को सीज करते हुए सीधे स्क्रैप (कबाड़) कराने की विधिक प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, यदि किसी वैध बालू पट्टा धारक की संलिप्तता अवैध खनन में पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध न केवल आपराधिक मुकदमा दर्ज होगा, बल्कि उसके पट्टे को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

पारदर्शिता के लिए संयुक्त चेकिंग अनिवार्य, दो वरिष्ठ अधिकारी बने जनपद प्रभारी

​कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या एकतरफा कार्रवाई की आशंका को खत्म करने के लिए जिलाधिकारी ने सख्त हिदायत दी है। अब जनपद में कोई भी अधिकारी अकेले चेकिंग अभियान नहीं चलाएगा। सभी प्रकार की चेकिंग और छापेमारी टास्क फोर्स समिति द्वारा संयुक्त रूप से की जाएगी, जिससे कार्रवाई में पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और उच्च गुणवत्ता बनी रहे।

​तहसील स्तरीय समितियों की कार्यप्रणाली को धार देने और उनकी सीधे मॉनिटरिंग के लिए दो अत्यंत वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अपर पुलिस अधीक्षक/आईपीएस डॉ. ईशान सोनी तथा एडीएम (नमामि गंगे) प्रेमचंद मौर्य को इसका जनपद प्रभारी नामित किया गया है। ये दोनों अधिकारी लगातार ग्राउंड इनपुट और खुफिया तंत्र के माध्यम से सूचनाएं एकत्र करेंगे और अवैध सिंडिकेट से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

कालपी यमुना पुल पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश

​बैठक के दूसरे सत्र में कानून व्यवस्था और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान कालपी स्थित ऐतिहासिक यमुना पुल पर चल रहे मरम्मत कार्य और उसके कारण प्रभावित हो रही यातायात व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई।

​जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुल पर काम चलने के दौरान जो वैकल्पिक मार्ग (Diverted Routes) तय किए गए हैं, उन पर पुलिस बल की लगातार तैनाती रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यातायात व्यवस्था की निरंतर निगरानी की जाए ताकि किसी भी सूरत में राष्ट्रीय राजमार्ग या संपर्क मार्गों पर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो और आम जनता को आवागमन में किसी भी प्रकार की मानसिक या शारीरिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

​इस महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी, प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) प्रदीप यादव सहित जनपद के समस्त उप जिलाधिकारी (SDM), क्षेत्राधिकारी (CO) और खनन, परिवहन व लोक निर्माण विभाग के तमाम जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित रहे।

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