जिले में दो दिनों में 85.2 मिमी और सीजन में अब तक 805 मिमी से अधिक बारिश दर्ज, प्रशासन ने जलभराव और खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की।
उरई (जालौन) : भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 25 से 27 सितंबर तक जनपद में बारिश के साथ गरज-चमक एवं वज्रपात की संभावना जताई गई है, जिसके चलते जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी समीर ने नागरिकों से मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने और अनावश्यक जोखिम से बचने की अपील की है।
प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, जनपद में पिछले दो दिनों में 85.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इसके साथ ही, वर्तमान वर्षा ऋतु में अब तक कुल 805 से अधिक मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो सामान्य औसत वर्षा से अधिक है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि तेज बारिश एवं वज्रपात के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहें। निचले इलाकों, जलभराव वाले मार्गों, नालों, नदी-नहरों और तालाबों के आसपास जाने से पूरी तरह बचें। वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों व टावरों के नीचे खड़े होने के बजाय किसी पक्के भवन में शरण लें।
किसानों और वाहन चालकों के लिए भी विशेष सलाह जारी की गई है। किसानों से कहा गया है कि मौसम खराब होने पर खेतों में कार्य रोककर सुरक्षित स्थान पर जाएं और पशुओं को खुले स्थान या पेड़ों के नीचे न बांधें। वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने, कम दृश्यता में सुरक्षित स्थान पर रुकने और बहते पानी या जलभराव वाले मार्गों को पार न करने की सलाह दी गई है।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर सतर्कता बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नागरिकों से टूटे विद्युत तारों से दूर रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है। किसी भी आपदा की स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष (05162-255518), टोल फ्री आपदा हेल्पलाइन (1077), पुलिस (112) या एम्बुलेंस (102/108) पर संपर्क किया जा सकता है।






