ससुरालियों पर लगा सल्फास खिलाकर हत्या करने का आरोप; मां की मौत के बाद एक साल का मासूम हुआ अनाथ

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राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई के बाहर रोते-बिलखते मृतका के परिजन और मुस्तैद खड़ी जालौन पुलिस।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

हमीरपुर (जालौन) : उत्तर प्रदेश के हमीरपुर और जालौन जिले की सीमावर्ती क्षेत्रों में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक 26 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना हमीरपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम लोधीपुरा की है। मृतका के मायके पक्ष ने पति समेत पूरे ससुराल पक्ष पर बेहद गंभीर और रोंगटे खड़े कर देने वाले आरोप लगाए हैं। परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि ज्योति को पहले बेरहमी से पीटा गया और उसके बाद जबरन सल्फास (जहरीला पदार्थ) खिलाकर उसकी जीवन लीला समाप्त कर दी गई। इस जघन्य घटना के बाद जहां मायके परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं मृतका का एक वर्ष का मासूम बेटा अब मां के आंचल से हमेशा के लिए महरूम होकर अनाथ हो गया है।

ढाई साल पहले हुई थी शादी, मायके पक्ष ने लगाया प्रताड़ना का आरोप

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम लोधीपुरा (थाना जलालपुर, जिला हमीरपुर) निवासी दिनेश की 26 वर्षीय पत्नी ज्योति की शादी लगभग ढाई वर्ष पूर्व बड़े ही अरमानों के साथ हुई थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही ज्योति को किसी न किसी बात को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा था। बीती रात यह विवाद इस कदर बढ़ गया कि ससुराल पक्ष के लोगों ने ज्योति के साथ पहले जमकर मारपीट की। जब इससे भी उनका दिल नहीं भरा, तो उन्होंने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उसे जबरन सल्फास की गोलियां निगलवा दीं।

उरई मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

​जहरीला पदार्थ शरीर में फैलने के बाद जब ज्योति की हालत अत्यंत नाजुक होने लगी और वह तड़पने लगी, तो आनन-फानन में ससुराल पक्ष के लोग विधिक कार्रवाई और बदनामी के डर से उसे लेकर जालौन जिले के राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई पहुंचे। अस्पताल परिसर में पहुंचते ही डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने महिला का परीक्षण किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के उपरांत ज्योति को मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर सुनते ही अस्पताल पहुंचे मायके पक्ष के लोगों में चीख-पुकार मच गई और उनका गुस्सा फूट पड़ा।

परिजनों का फूटा गुस्सा, भाई और भाभी ने बयां किया दर्द

​अस्पताल परिसर में मौजूद मृतका के भाई पंकज अहिरवार ने रोते हुए बताया, “मेरी बहन को लगातार परेशान किया जा रहा था। उन्होंने उसे मारकर ही दम लिया। पहले उसे पीटा गया और फिर जबरन जहर दे दिया गया। हम दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग करते हैं।”

​वहीं मृतका की भाभी अर्चना अहिरवार ने भी ससुराल पक्ष की बर्बरता की निंदा करते हुए कहा कि एक साल के छोटे बच्चे के सिर से उसकी मां का साया छीन लिया गया है। इस मासूम का क्या कसूर था? पुलिस को इस मामले में तुरंत कड़ा एक्शन लेना चाहिए और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

पुलिस की मुस्तैदी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

​घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए उरई मेडिकल कॉलेज से स्थानीय पुलिस को सूचना भेजी गई, जिसके बाद जालौन और हमीरपुर पुलिस की टीमें सक्रिय हो गईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और पंचनामा भरकर शव को कब्जे में ले लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है।

​इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है और दोनों पक्षों के बयानों को दर्ज किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, मौत के असली और सटीक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। मृतका के परिजनों द्वारा दी जाने वाली लिखित तहरीर और पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी व रिपोर्ट के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक व वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल, घटना के बाद से आरोपी ससुराल पक्ष के लोग पुलिसिया कार्रवाई के डर से घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।

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