जालौन में साइबर क्राइम थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: चाइल्ड पोर्नोग्राफी फोटो-वीडियो शेयर करने वाला आरोपी गिरफ्तार, आईफोन समेत दो मोबाइल बरामद
रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में साइबर सुरक्षा को लेकर पुलिस ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। जालौन जनपद की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए नाबालिगों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री (चाइल्ड पोर्नोग्राफी) प्रसारित करने वाले एक शातिर आरोपी को धर दबोचा है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है। आरोपी लंबे समय से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स की आड़ में अश्लील और प्रतिबंधित सामग्रियां शेयर कर रहा था।
फर्जी इंस्टाग्राम आईडी के जरिए फैला रहा था अश्लील सामग्री
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला जालौन जिले के कालपी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। आरोपी की पहचान कालपी निवासी विनय कुमार के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि विनय कुमार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी (Fake Instagram ID) बनाकर सक्रिय था। इन फर्जी अकाउंट्स के माध्यम से वह लगातार चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़े अश्लील फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट और शेयर कर रहा था। इस तरह की गतिविधियां न केवल कानूनन अपराध हैं, बल्कि समाज और बाल सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा हैं।
तलाशी के दौरान बरामद हुए आपत्तिजनक साक्ष्य
साइबर थाना उरई की पुलिस टीम ने जाल बिछाकर आरोपी विनय कुमार को दबोचने में सफलता हासिल की। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से आधुनिक तकनीक के उपकरण और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।
- उपकरणों की जब्ती: पुलिस ने आरोपी के पास से एक महंगे आईफोन (iPhone) सहित कुल दो स्मार्टफोन और उनमें इस्तेमाल हो रहे सिम कार्ड्स को अपने कब्जे में ले लिया है।
- आपत्तिजनक सामग्री: जब पुलिस ने बरामद किए गए मोबाइलों की तकनीकी जांच (Technical Analysis) की, तो उनके होश उड़ गए। इन फोनों के अंदर नाबालिकों (Minors) और वयस्कों (Adults) से जुड़े बड़ी संख्या में अश्लील फोटो और वीडियो पाए गए, जिन्हें वह शेयर करने की फिराक में था या पहले साझा कर चुका था।
सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज, भेजा गया न्यायिक हिरासत
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (संबंधित नए कानूनों) और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम समेत अन्य प्रासंगिक व सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।






