कालपी: पड़ोसियों से विवाद करना दो सगे भाइयों को पड़ा भारी, पुलिस ने किया गिरफ्तार; शांति भंग में भेजा जेल

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कालपी पुलिस स्टेशन के बाहर खड़े उपनिरीक्षक और पुलिस बल के साथ हिरासत में लिए गए दो आरोपी भाई।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

कालपी (जालौन): जनपद के कालपी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सुरौली में आपसी रंजिश और गाली-गलौज के चलते माहौल बिगाड़ने वाले दो सगे भाइयों पर पुलिस का चाबुक चला है। शांति व्यवस्था को चुनौती देने वाले इन आरोपियों को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रंगे हाथों हिरासत में लिया और उनके विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की।

गश्त के दौरान पुलिस को मिली सूचना

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, कालपी पुलिस क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह भदौरिया को सूचना मिली कि ग्राम सुरौली में दो पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हो रही है और स्थिति मारपीट तक पहुँच सकती है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम बिना समय गंवाए तत्काल गांव के लिए रवाना हो गई।

मौके पर गाली-गलौज और तनाव का माहौल

​जब पुलिस टीम ग्राम सुरौली पहुँची, तो वहां का दृश्य काफी तनावपूर्ण था। पुलिस ने देखा कि संदीप और कुलदीप, पुत्रगण रामशंकर, अपने पड़ोसी के साथ उग्र होकर गाली-गलौज कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों भाई काफी आक्रामक थे और सार्वजनिक रूप से शांति भंग कर रहे थे। पुलिस द्वारा समझाने के बावजूद जब आरोपी शांत नहीं हुए और सार्वजनिक शांति के लिए खतरा बने रहे, तो उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह भदौरिया ने बल प्रयोग करते हुए दोनों को हिरासत में ले लिया।

कोतवाली में कार्रवाई और मेडिकल परीक्षण

​हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों को तत्काल कालपी कोतवाली लाया गया, जहां उन्हें हवालात में निरुद्ध किया गया। पुलिस ने दोनों भाइयों के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत ‘शांति भंग’ की रिपोर्ट दर्ज की। इसके उपरांत, नियमानुसार आरोपियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कालपी ले जाया गया, जहाँ उनका अनिवार्य चिकित्सीय परीक्षण (Medical Examination) कराया गया ताकि उनकी शारीरिक स्थिति की पुष्टि की जा सके।

न्यायालय में पेशी और सख्त संदेश

​मेडिकल परीक्षण के पश्चात पुलिस ने आरोपियों को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि स्थानीय स्तर पर किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी या आपसी विवाद के कारण सार्वजनिक शांति को बाधित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

शांति व्यवस्था पर पुलिस का रुख

​कालपी कोतवाली के अधिकारियों ने इस मामले पर आधिकारिक बयान देते हुए कहा:

​”क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्राम सुरौली की घटना में समय रहते हस्तक्षेप किया गया, जिससे कोई बड़ी अप्रिय घटना होने से बच गई। भविष्य में भी अराजक तत्वों के विरुद्ध इसी प्रकार की त्वरित और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।”

​इस कार्रवाई से क्षेत्र के लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है, वहीं झगड़ालू प्रवृत्ति के लोगों में खौफ का माहौल देखा जा रहा है। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचना दें।

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