कोंच: ‘कानून के घर’ में ही चोरों का दुस्साहस, तहसील के अधिवक्ता परिसर से मरकरी लाइट पार

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कोंच तहसील स्थित अधिवक्ता परिसर का वह स्थान जहाँ से रात्रि के समय प्रकाश के लिए लगी मरकरी लाइट चोरी हो गई, साथ ही शिकायती पत्र देते अधिवक्ता

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

कोंच (जालौन): जनपद जालौन के कोंच तहसील परिसर से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहाँ आम जनता को न्याय दिलाने वाले अधिवक्ता बैठते हैं, अब वही स्थान असुरक्षित नजर आ रहा है। तहसील स्थित अधिवक्ता परिसर में रात्रि के समय प्रकाश के लिए लगाई गई मरकरी लाइट को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाया है। इस घटना से न केवल अधिवक्ताओं में भारी रोष व्याप्त है, बल्कि तहसील जैसे अति-संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

अंधेरे का फायदा उठाकर वारदात को दिया अंजाम

​मिली जानकारी के अनुसार, तहसील परिसर के भीतर अधिवक्ता कक्षों के पास रात्रि के समय रोशनी के लिए प्रशासन और बार संघ के सहयोग से मरकरी लाइटें लगवाई गई थीं। पूर्व बार संघ अध्यक्ष संजीव तिवारी ने सोमवार को कोतवाली पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि रविवार की दरम्यानी रात अज्ञात चोरों ने अधिवक्ता परिसर में लगी कीमती मरकरी लाइट पर हाथ साफ कर दिया। सोमवार सुबह जब अधिवक्ता तहसील पहुंचे, तो उन्हें इस चोरी की जानकारी हुई।

परिसर में पसरा अंधेरा, सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

​पूर्व बार अध्यक्ष संजीव तिवारी ने पुलिस को अवगत कराया कि मरकरी चोरी हो जाने के कारण अब पूरे अधिवक्ता परिसर में रात के समय घोर अंधेरा छाया रहता है। तहसील एक ऐसा स्थान है जहाँ महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज और अभिलेख रखे होते हैं। ऐसे में प्रकाश व्यवस्था ठप होने से पूरे परिसर में असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि अंधेरे का लाभ उठाकर असामाजिक तत्व किसी बड़ी अप्रिय घटना को भी अंजाम दे सकते हैं।

‘निशाने’ पर अधिवक्ता परिसर: दूसरी बार हुई चोरी

​इस मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। संजीव तिवारी ने शिकायती पत्र में जोर देते हुए कहा कि इससे पहले भी ठीक इसी स्थान से मरकरी लाइट चोरी होने की घटना हो चुकी है। बार-बार एक ही स्थान को निशाना बनाया जाना यह दर्शाता है कि चोरों के हौसले बुलंद हैं और उन्हें पुलिस या प्रशासन का कोई डर नहीं रह गया है। अधिवक्ताओं ने इसे स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था की एक बड़ी चूक करार दिया है।

पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व बार अध्यक्ष ने कोतवाली पुलिस से तत्काल मुकदमा दर्ज कर चोरों की तलाश करने की मांग की है। उन्होंने पुलिस से आग्रह किया है कि तहसील परिसर के आसपास रात्रि गश्त बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लग सके।

​स्थानीय अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि तहसील जैसे सार्वजनिक और सरकारी कार्यस्थल पर भी संपत्तियां सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेगा? फिलहाल, पुलिस ने शिकायती पत्र प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों (यदि उपलब्ध हों) की फुटेज खंगालने की बात कही जा रही है।

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